आज भी बहुत सारे लोग पोस्टपार्टम डिप्रेशन को नहीं समझते हैं. मुझे याद है कि मैंने इसके बारे में संक्षेप में बात करने के बाद ऑनलाइन कुछ कमेंट्स पढ़ी थी. उनका कहना था कि मुझे पोस्टपार्टम डिप्रेशन क्यों है, जबकि मेरे पास पैसा है, मदद के लिए बहुत सारे लोग होंगे? जबकि इस डिप्रेशन से कोई भी प्रभावित हो सकता है, चाहे आपके पास भरपूर मदद पाने के साधन हों या नहीं.
जान लें क्या है पोस्टपार्टम डिप्रेशन
पोस्टपार्टम डिप्रेशन एक गंभीर मानसिक बीमारी है जो बच्चा होने के एक साल के भीतर मां को हो सकती है. इसमें महिला की सोचने, समझने और एक्ट करने का तरीका नकारात्मक रूप से प्रभावित होता है. इसमें मूड स्विंग, चिड़चिड़ेपन के साथ शारीरिक दर्द परेशानी भी होती है.
कितना खतरनाक हो सकता है पोस्टपार्टम डिप्रेशन
पोस्टपार्टम को लंबे समय तक अनदेखा करने से एक मां का हेल्थ गंभीर रूप से बिगड़ सकता है. इसके कारण महिला ठीक से न खाने से लेकर बच्चे की देखभाल करने के लिए ऊर्जा की कमी का सामना कर सकती है. इतना ही नहीं वह खुद को या अपने बच्चे को चोट पहुंचाने के बारे में भी सोचना शुरू कर सकती है.

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