भोपाल
मध्य प्रदेश में अब 100 नंबर लगाओ पुलिस बुलाओ की जगह अब जल्द ही इमरजेंसी नंबर 112 अकेला ही काम करेगा। हालांकि इमरजेंसी नंबर सिर्फ एक रखने की व्यवस्था इस साल के बाद ही संभव हो सकेगी।
अभी प्रदेश में 100 के साथ ही 112 दोनों ही नंबर काम कर रहे हैं। दोनों ही नंबर्स इंटीग्रेटेड कंट्रोल रुम भोपाल में जुड़े हुए हैं। यहीं से अन्य हेल्पलाइन नंबर पर कॉल डायवर्ट करने का काम होता है। केंद्र सरकार ने करीब चार साल पहले देश भर में इमरजेंसी सर्विस के लिए एक ही नंबर रखने के निर्देश सभी राज्य सरकारों को दिए थे।
यह इमरजेंसी नंबर 112 है। जिस पर पुलिस (100), एंबुलेंस (108), वुमन हेल्पलाइन (1090) और फायर ब्रिगेड (101) जैसे सभी इमरजेंसी सर्विस उपलब्ध हो जाती है। प्रदेश में भी इमरजेंसी 112 नंबर की व्यवस्था शुरू कई सालों से चल रही है, लेकिन इस पर डायल 100 नंबर भारी पड़ रहा है। लोग अब भी इमरजेंसी के लिए 100 डायल करते हैं।
अभी ऐसे करता है काम
प्रदेश पुलिस के इंटीग्रेटेड कंट्रोल रुम में 100 और 112 नंबर पर कॉल आते हैं। दोनों ही नंबरों पर एक जैसी ही सुविधा दी जा रही है। दोनों ही नंबर पर आने वाले फोन पर जैसी इमरजेंसी होती है वैसे ही नंबर पुलिस के अलावा एंबुलेंस, वुमन हेल्पलाइन और फायर ब्रिगेड कॉल डायवर्ट किए जाते हैं।
एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड बुलाओ, प्रदेश में अभी दोनों नंबर्स पर मिलती है सुविधा
सूत्रों की मानी जाए तो अब इस पर शासन स्तर पर तेजी से विचार चल रहा है कि अगले साल से इमरजेंसी नंबर 112 पर ही ज्यादा फोकस किया जाए। देश के कई राज्यों में अब इमरजेंसी का एक ही नंबर चल रहा है, जबकि प्रदेश में 100 और 112 दोनों नंबर की सुविधा हैं। इसके बीच यह तर्क दिया जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को 100 नंबर ही ज्यादा ध्यान में रहता है, इसलिए इसे जारी रखा गया है। अब इस पर विचार होने लगा है कि दो नंबर की जगह पर एक ही नंबर 112 इमरजेंसी के लिए हो।

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