नई दिल्ली,
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के विनिर्माण को बढ़ावा देने पर भारत सरकार के जोर से घरेलू बाजार में बड़े पैमाने पर चीनी वाहन कंपनियों का प्रवेश हो सकता है। शोध संस्थान जीटीआरआई की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई।
ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) ने कहा कि चीन में पर्याप्त सरकारी समर्थन से वहां इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी में तेजी से विकास हुआ है, जिससे वह ईवी और संबंधित कलपुर्जों का अग्रणी निर्यातक बन गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को ई-वाहन विनिर्माण का केंद्र बनाने के लिए नए सिरे से नीतिगत प्रोत्साहन देने और निजी क्षेत्र के आगे आने से चीन के वाहन कलपुर्जा आयात पर निर्भरता तेजी से बढ़ेगी। भारत का वाहन कलपुर्जा आयात 2022-23 में 20.3 अरब अमेरिकी डॉलर था। इसमें से 30 प्रतिशत चीन से आया था।

More Stories
वैश्विक अस्थिरता के चलते सोने के दाम बढ़े, चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपए के पार
बीयर-शराब महंगी होने वाली? 20% तक मूल्यवृद्धि की मांग
चांदी की कीमत में उतार-चढ़ाव: पहले ₹2 लाख टूटी, अब 3 दिन में ₹13,000 महंगी; जानें सोने का भाव