आज यानी 24 मार्च को होलिका दहन है। इसके बाद कल 25 मार्च को होली मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में होली और होलिका दहन दोनों ही पर्व का बहुत ज्यादा महत्व है। होलिका को अन्याय पर न्याय की जीत के तौर पर मनाया जाता है। होलिका दहन के लिए कुछ दिन पहले से ही लकड़ियां इकट्ठा की जाती हैं। फिर होलिका की रात सब लोग इन लकड़ियों परिक्रमा करते हैं। इसके बाद होलिका की अग्नि जलाई जाती है। वहीं कुछ जगहों पर होलिका दहन की रात भगवान हनुमान की भी पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से सभी परेशानियां दूर होती हैं। ऐसे में चलिए जानते हैं होलिका की रात हनुमान जी की पूजा विधि और महत्व के बारे में…
होलिका दहन पर हनुमान पूजा विधि
0- होलिका दहन के दिन रात्रि के समय पूजा से पूर्व स्नान करें और फिर हनुमान जी को मन में धारण करके व्रत संकल्प लें।
0- इसके बाद घर के किसी साफ स्थान पर एक पाटा रखें और उसपर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।
0- फिर इसी पाटे पर हनुमान जी की मूर्ति स्थापित करें।
0- इसके बाद हनुमान जी की मूर्ति पर फल-फूल और माला चढ़ाएं।
0- हनुमान पूजा करते समय कुश के आसन पर ही बैठे।
0- हनुमान पूजा करते वक्त ध्यान रखें कि उनको टीका अपनी अनामिका उंगली से ही लगाएं।
0- टीके के अलावा आप उन्हें सिंदूर भी लगा सकते हैं। इससे हनुमान जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
0- आखिर में हनुमान जी की आरती करें। साथ ही पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करना न भूलें।
होलिका दहन पर हनुमान जी की पूजा का महत्व
मान्यता है कि होली पर पवन पुत्र हनुमान विशेष वरदान की मुद्रा में होते हैं। ऐसे में इस दिन हनुमान जी की आराधना हर कामना पूरी करने वाली मानी जाती है। होली की पूर्णिमा पर हनुमान जी की पूजा करने से हर बिगड़ा काम बन जाता है। साथ ही साधक पर हनुमान जी की विशेष कृपा होती है।

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