नयी दिल्ली
महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर कभी खत्म नहीं होने वाली अटकलें, 16 साल से खिताब नहीं जीत पाने की विराट कोहली की कसक, जिंदगी से दूसरा मौका पाकर मैदान पर उतर रहे ऋषभ पंत और कप्तानी छिनने का रोहित शर्मा का दर्द। ये सारी कहानियां शुक्रवार से शुरू हो रहे ताबड़तोड़ क्रिकेट के महासमर को और रोचक बनाने के लिये काफी होंगी।
धोनी 42 बरस की उम्र में भी आईपीएल के सदाबहार कप्तान हैं और उनसे जब पूछा जायेगा कि क्या यह उनका आखिरी टूर्नामेंट है तो शायद एक बार फिर वह मुस्कुराकर रह जायेंगे। उनके वारिस माने जाने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज पंत भयावह कार दुर्घटना में जीवनदान पाकर मैदान पर लौट रहे हैं और दुनिया को दिखाना चाहेंगे कि उनकी बाजुओं में अभी भी वही दम है। अपने बिंदास मुंबइया अंदाज के पीछे दर्द छिपाने वाले रोहित वानखेड़े स्टेडियम पर उतरेंगे लेकिन इस बार कप्तान नहीं होंगे। दर्शकों के चहेते रोहित अपने बल्ले से सारे मलाल निकालने को आतुर होंगे।
'किंग कोहली' की नजरें खिताब पर होंगी जिसके लिये वह 16 साल से इंतजार कर रहे हैं। एक ही टीम के लिये शुरू से खेल रहे आईपीएल के इकलौते खिलाड़ी कोहली का जुनून उनकी टीम के लिये टॉनिक का काम करेगा।रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर की महिला टीम ने हाल ही में महिला प्रीमियर लीग खिताब जीता है। कम से कम 10 से 12 खिलाड़ी चयनकर्ताओं के सामने अपनी उपयोगिता साबित करने को बेताब होंगे ताकि अमेरिका और वेस्टइंडीज में होने वाले टी20 विश्व कप का टिकट कटा सकें।
पूरी दुनिया को क्रिकेट के रंग में रंगने वाले इस सालाना जलसे में कुछ खिलाड़ी वापसी करेंगे तो कुछ नये सितारे उभरेंगे, कुछ फर्श से अर्श तक की कहानियां निकलेंगे तो कई सितारे जमींदोज भी हो सकते हैं। एक ओवर में इस खेल में तकदीरें बदल जाया करती हैं। हर मैच के बाद खिलाड़ियों को सोशल मीडिया की बेरहमी भी झेलनी होगी। पैट कमिंस (सनराइजर्स हैदराबाद) और मिचेल स्टार्क (कोलकाता नाइट राइडर्स) जैसे महंगे बिके खिलाड़ियों पर अपेक्षााओं पर खरे उतरने का भारी दबाव होगा।
एक बार फिर चेन्नई सुपर किंग्स छठे खिताब के प्रबल दावेदारों में होगी। उनके चहेते 'थाला' को विषम परिस्थितियों से निकलकर जीत हासिल करने का शऊर बखूबी आता है। रचिन रविंद्र को धोनी की कप्तानी में अपने हुनर को निखारने का मौका मिलेगा। तेज गेंदबाजी का दारोमदार दीपक चाहर पर होगा। टीम में रूतुराज गायकवाड़, मोईन अली और रविंद्र जडेजा जैसे धुरंधर भी है।
वहीं 2020 तक पांच खिताब और पिछले तीन साल से ट्रॉफी नहीं जीत पाने ने मुंबई इंडियंस को कप्तान बदलने के लिये मजबूर किया। हार्दिक पंड्या के सामने सिर्फ खिताब जीतने ही नहीं बल्कि ड्रेसिंग रूम में सभी के दिल जीतने की भी जिम्मेदारी होगी। अगर वह ऐसा कर पाते हैं तो आधी जंग जीत जायेंगे क्योंकि मुंबई के पास इतनी बेहतरीन बल्लेबाजी है कि गेंदबाजी की कमियां भारी नहीं पड़ेगी।
आरसीबी के लिये सबसे बड़ी प्रेरणा महिला टीम की खिताबी जीत है। कोहली रन भले ही कम बनायें लेकिन खिताब हर हालत में जीतना चाहते हैं। धोनी और रोहित पांच बार खिताब जीत चुके हैं। केकेआर भी दो बार चैम्पियन रह चुकी है। कोहली अकेले खिताब नहीं जीत सकते। इसके लिये दिनेश कार्तिक, फाफ डु प्लेसी, ग्लेन मैक्सवेल को भी अच्छा खेलना होगा।
केकेआर खेमे में गौतम गंभीर की वापसी हुई है जिनका जीत का जुनून जगजाहिर है। उनके और कोहली के बीच हुई लड़ाई कौन भूल सकता है। केकेआर के जाने पहचाने डगआउट में उनकी मौजूदगी कमाल कर सकती है। केकेआर के पास श्रेयस अय्यर, नीतिश राणा, रिंकू सिंह और आंद्रे रसेल जैसे धुरंधर है।
लखनऊ सुपर जाइंट्स के पास गंभीर के जाने के बाद जस्टिन लैंगर के रूप में नया कोच है और टीम प्लेआफ से आगे जाना चाहेगी। दिल्ली कैपिटल्स के लिये पंत की वापसी ट्रंपकार्ड साबित हो सकती है। गुजरात टाइटंस के पास इस बार हार्दिक पंड्या और मोहम्मद शमी नहीं है।
राजस्थान रॉयल्स के पास यशस्वी जायसवाल, संजू सैमसन, ध्रुव जुरेल और जोस बटलर जैसे बल्लेबाज है। वहीं पैट कमिंस की सनराइजर्स हैदराबाद और शिखर धवन की पंजाब किंग्स भी बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगी।

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