इंदौर.
लोकसभा चुनाव के चलते देवी अहिल्या विश्वविद्यालय की स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा प्रभावित होगी। विश्वविद्यालय को बीए-बीएससी अंतिम वर्ष की परीक्षा में फेरबदल करना पड़ सकता है, क्योंकि मतदान के बीच परीक्षा करवाना थोड़ा मुश्किल है। मई में होने वाले इन पाठ्यक्रमों के पर्चों को आगे बढ़ाने पर विचार हो रहा है।
सोमवार को परीक्षा व गोपनीय विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है। अधिकारियों का तर्क है कि अप्रैल और मई के बीच विभिन्न चरणों में मतदान होगा। इस दौरान निर्वाचन कार्य में सरकारी कालेज व विश्वविद्यालयों के अधिकारियों व शिक्षकों की ड्यूटी लगेगी। साथ ही सरकारी व निजी कालेजों में मतदान केंद्र बनाए जाएंगे। ऐसे में परीक्षाएं प्रभावित होंगी। 5 मार्च से बीए, बीकाम, बीएससी, बीबीए, बीसीए सहित अन्य स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा शुरू हो चुकी है। सीयूईटी के कारण 10 से 30 मार्च के बीच परीक्षाएं रोकी गई हैं।
45 हजार विद्यार्थी शामिल होंगे परीक्षा में
1 अप्रैल से इन पाठ्यक्रम की मुख्य विषयों के प्रश्नपत्र होंगे। बीबीए-बीसीए, बीकाम, बीजेएमसी, बीएचएमएसी की परीक्षाएं अप्रैल अंतिम सप्ताह में खत्म होगी। बीए, बीएससी की परीक्षाएं 2 जून तक चलेगी। मगर इस बीच मतदान होना है। ऐसे में सरकारी कालेजों को मतदान केंद्र व स्ट्रांग रूम बनाए जाएंगे। साथ ही शिक्षकों को भी निर्वाचन कार्य करना होंगे। इसके चलते मई में बीए-बीएससी के पर्चे करवाने में थोड़ी परेशानी आएगी। इन पाठ्यक्रम में 45 हजार छात्र-छात्राएं होंगे।
सोमवार को होने वाली बैठक में लेंगे निर्णय
परीक्षा नियंत्रक डा. अशेष तिवारी ने बताया कि सिर्फ बीए-बीएससी में अधिक विषय रहते हैं। इनकी परीक्षाएं जून तक चलेगी, जिसमें मई में होने वाले विषयों के पर्चों को आगे बढ़ाना पड़ सकता है। इसके लिए परीक्षा शेड्यूल में संशोधन किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को बैठक में निर्णय लिया जाएगा।

More Stories
MP TET 2026: डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, 12 अक्टूबर से होगी पात्रता परीक्षा; 21 अगस्त से आवेदन
Twisha Sharma Case: कपल काउंसलिंग के बाद भी नहीं सुधरे हालात, सास ने तीन बार कहा ‘किलर’; 636 पेज की चार्जशीट में कई खुलासे
MP Weather Alert: रीवा-बालाघाट समेत 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बरगी बांध के 9 गेट खुले; नर्मदा घाटों पर चेतावनी