इम्फाल
मणिपुर सरकार सोमवार तक 55 महिलाओं और पांच बच्चों सहित म्यांमार के 77 नागरिकों को निर्वासित करेगी। म्यांमार की सेना के अपने देश में एक फरवरी, 2021 को तख्तापलट करने के बाद वहां के कई नागरिक भागकर मणिपुर आ गए हैं।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सात म्यांमारियों के पहले बैच को 8 मार्च को मणिपुर के तेंगनौपाल जिले के मोरे सीमा शहर से निर्वासित किया गया था। राज्य के गृह विभाग ने निर्वासन प्रक्रिया में तेंगनौपाल जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को आवश्यक सहायता के लिए असम राइफल्स से समर्थन मांगा था।
म्यांमार में सेना और नागरिक बलों के बीच संघर्ष चल रहा
तीन साल पहले म्यांमार में सेना के सत्ता संभालने के बाद से सेना और लोकतंत्र समर्थक नागरिक सशस्त्र बलों के बीच सशस्त्र संघर्ष चल रहा है। महिलाओं और बच्चों सहित पांच हजार से अधिक म्यांमारी नागरिकों ने मणिपुर में और 32 हजार से अधिक लोगों ने मिजोरम में शरण ली है।
म्यांमार के कुछ सौ सैनिक भी अलग-अलग चरणों में मिजोरम भाग आये, क्योंकि उनके शिविरों पर लोकतंत्र समर्थक जातीय समूहों ने कब्जा कर लिया था, जिन्होंने पिछले साल अक्टूबर की शुरुआत में सेना के खिलाफ अपनी लड़ाई तेज कर दी।
सैन्यकर्मियों को उनके देश भेज दिया गया
हालांकि, सभी सैन्यकर्मियों को उनके देश भेज दिया गया है। म्यांमार की अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम के साथ कुल 1,643 किलोमीटर लंबी बिना बाड़ वाली सीमा है।

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