भोपाल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कहा कि मंत्रिपरिषद के सदस्यों का भगवान राम के दर्शन के लिए शासकीय रूप से अयोध्या जाना ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने इस शुभ घड़ी के लिए सभी को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह यात्रा भगवान श्रीराम के प्रति आदर का प्रकटीकरण है।
डॉ यादव ने कैबिनेट की बैठक से पहले अपने संबोधन में कहा कि अयोध्या की इस यात्रा के बाद देवस्थानों के संबंध में लिए गए निर्णय और संकल्पों के क्रियान्वयन में राज्य सरकार तेजी से आगे बढ़ेगी। मंत्रिपरिषद की आगामी बैठक में मंत्रिमंडलीय उप समिति बनाकर धर्मस्व, राजस्व और संस्कृति विभाग को आपस में जोड़ा जाएगा। जिस तरह कृषि उत्पादन आयुक्त के अंतर्गत कृषि सहकारिता, उद्यान आदि कुछ विभाग होते हैं वैसे ही एक वरिष्ठ अधिकारी इन विभागों के प्रभारी होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवस्थानों के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय क्षेत्र में स्थित देवस्थानों के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग भी इसमें शामिल रहेंगे। सभी विभाग परस्पर तालमेल और समन्वय से देवस्थानों के विकास के लिए कार्य योजना बनाकर उनका क्रियान्वयन सुनिश्चित करेंगे। राज्य शासन का उद्देश्य यह है कि मंदिर देवस्थान के साथ-साथ सामाजिक चेतना और समरसता का भी केंद्र बनें और मंदिरों में सामूहिक विवाह जैसे सामाजिक कार्य संपन्न हो।
डॉ यादव ने कहा कि अयोध्या धाम सहित प्रदेश के अंदर और प्रदेश के बाहर स्थित प्रमुख देवस्थान में राज्य सरकार द्वारा धर्मशालाएं विकसित करने की दिशा में पहल की जाएगी, अन्य राज्य सरकारों को मध्य प्रदेश स्थित देवालयों में अपने राज्य की तरफ से धर्मशालाएं विकसित करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के इस प्रस्ताव का मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर स्वागत किया।

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