इंदौर
केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना प्रारंभ की गई है। मप्र शासन के निर्देश पर पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तैयारी प्रारंभ की गई है। केंद्र सरकार ने देशभर के एक करोड़ घरों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के इंदौर, उज्जैन, देवास, रतलाम सहित सभी 15 जिलों के अधिक से अधिक बिजली उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नई योजना के तहत अब दो किलो वाट तक के सोलर संयंत्र पर प्रतिकिलो वाट 30 हजार रुपये प्रति किलो वाट दो किलो वाट तक और तीसरे किलो वाट के लिए 18 हजार, इस तरह तीन किलो वाट तक के संयंत्र के लिए अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी मिलेगी। दिसंबर 2023 की स्थिति में सरकार द्वारा प्रतिकिलो वाट 14 हजार रुपये और जनवरी 2024 में प्रतिकिलो वाट 14 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रति किलो वाट सब्सिडी घोषित की गई थी, जिसे अब 30 हजार रुपये प्रतिकिलो वाट, दो किलोवाट तक घोषित किया गया है।
इस तरह दिसंबर की तुलना में जनवरी 2024 में दो किलो वाट 28 हजार रुपये की बजाय उपभोक्ता को दो किलो वाट के संयंत्र पर 60 हजार रुपये की अधिकतम सब्सिडी मिलेगी। विद्युत वितरण कंपनी ने वीडियो कांफ्रेंस व अन्य माध्यम से प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना को लेकर मालवा-निमाड़ के सभी 15 जिलों के बिजली अधिकारियों को निर्देशित किया है। योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं की आर्थिक बचत के साथ ही सरकारी लाभ दिलाना और पर्यावरण के हितों की रक्षा करना भी है।

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