गुवाहाटी
असम मंत्रिमंडल ने 22 फरवरी को अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।
शर्मा ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट कर कहा, ''मंत्रिमंडल ने अयोध्या में रामलला के नवीन विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रधानमंत्री का हार्दिक आभार व्यक्त किया और भारत के लोगों को बधाई दी। पूरा मंत्रिमंडल 22 फरवरी 2024 को रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या का दौरा करेगा।''
राज्य मंत्रिमंडल ने राज्य के दस जिलों में मूल जाति समुदाय के परिवारों को भूमि अधिकार प्रदान करने का भी निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने 'एक्स' पर पोस्ट किया, '''मिशन वसुंधरा 2.0' के तहत सोनितपुर, तिनसुकिया, धेमाजी, नगांव, बिश्वनाथ, कामरूप (महानगर), कामरूप, बोंगाईगांव, गोलपारा और धुबरी जिलों में भूमिहीन मूल जाति समुदाय के परिवारों को भूमि अधिकार दिए जाएंगे।''
उन्होंने कहा कि इन परिवारों में से 84 प्रतिशत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और अत्यधिक अन्य पिछड़ा वर्ग से हैं।
प्रश्नपत्र लीक पर अंकुश लगाने के लिए 'असम सार्वजनिक परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम के उपाय) विधेयक, 2024' को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी।
इसे पांच फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र में विधानसभा में पेश किया जाएगा।
मंत्रिमंडल ने गोहपुर में 'स्वाहिद कनकलता बरुआ विश्वविद्यालय' नाम से एक नया राज्य विश्वविद्यालय स्थापित करने को भी मंजूरी दे दी, जिसका मसौदा विधेयक अगले सत्र में विधानसभा के समक्ष रखा जाएगा।

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