तेहरान.
पाकिस्तान और ईरान के बीच गतिरोध जारी है। बढ़ते तनाव के बीच चीन ने दोनोंं देशों से संयम बरतने के लिए कहा है। चीन ने आह्वान किया कि वे तनाव को बढ़ाने वाली कार्रवाइयों पर लगाम लगाएं। दरअसल, मंगलवार को ईरान ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर उग्रवादी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसके बाद, पाकिस्तान ने ईरान में पदस्थ अपने राजदूत को वापस बुला लिया और ईरान के राजदूत को वापस तेहरान भेज दिया।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजिंग का मानना है कि दोनों देशों को संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए। हर देश को दूसरे देशों की संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता का ईमानदारी से सम्मान करना चाहिए। ईरान और पाकिस्तान पड़ोसी और इस्लामिक राष्ट्र हैं। इसलिए दोनों को संयम बरतना चाहिए। हम दोनों देशों से तनाव बढ़ाने वाली कार्रवाइयों से बचने का आह्वान करते हैं।
भारत ने भी साफ किया अपना रुख
इससे पहले, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने कहा कि यह ईरान और पाकिस्तान के बीच का मामला है। जहां तक भारत का सवाल है, हम आतंकवाद के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर चल रहे हैं। हम आत्मरक्षा में दूसरे देशों की ओर से उठाए जाने वाले ऐसे कदमों समझ सकते हैं।
यह है पूरा मामला
ईरान ने मंगलवार को बलूचिस्तान के पंजगुर शहर पर मिसाइलें दागी थी। पाकिस्तान का दावा है कि इस हमले में दो बच्चों की मौत हुई है जबकि 3 लोग घायल हैं। बौखलाए पाकिस्तान ने ईरान के राजदूत को देश से निकाल दिया जबकि तेहरान में मौजूद अपने राजदूत को वापस बुला लिया है। उसने सभी उच्च स्तरीय द्विपक्षीय दौरों को रद्द करते हुए ईरान को गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी भी दी है। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मुमताज जहरा बलोच ने राजनयिकों पर हुई कार्रवाई की पुष्टि की। बलोच ने ईरान के हमलों को अवैध-अस्वीकार्य बताते हुए संप्रभुता व संयुक्त राष्ट्र चार्टर के विरुद्ध बताया।

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