भोपाल
श्रीराम मंदिर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में नागरिकों की उपस्थिति को देखते हुए आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने आयुक्त समस्त नगर पालिक निगम, मुख्य नगर पालिका और नगर परिषद को दिशा-निदेश जारी किये है। यह अभियान 22 जनवरी तक सघन रूप से जारी रहेगा। प्रदेश में अभियान के शुरूआत 12 जनवरी से की जा चुकी है। आयुक्त नगरीय प्रशासन विकास श्री भरत यादव ने इस सम्पूर्ण व्यवस्था की निगरानी रखने के लिये विभाग के संभागीय संयुक्त संचालक को सतत निगरानी रखने के लिये निर्देश दिये है।
निर्देशों में कहा गया है कि नगरीय निकायों में सभी सार्वजनिक और आवासीय क्षेत्रों में नागरिकों की भागीदारी से सघन सफाई अभियान चलाया जायें। इस दौरान निकायों में सफाई व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जायें। अभियान के दौरान विशेष रूप से मंदिरों के आसपास स्थानीय नागरिकों, जन-प्रतिनिधियों और युवाओं की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित की जायें। नगरीय प्रशासन एवं विकास ने जारी निर्देशों में कहा है कि नगरीय क्षेत्रों के सभी मंदिरों और पवित्र नदियों-जलाशयों पर प्रकाश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जायें। इस मौके पर दीपदान के लिये निकायों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के साथ व्यवसायिक गतिविधियों को व्यवस्थित रखे जाने के निर्देश दिये है।
निर्देशों में कहा गया है कि स्वच्छता अभियान के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने के लिये स्थानीय स्तर पर रंगोली प्रतियोगिता, श्रेष्ठ कार्य करने वाले युवाओं को पुरस्कृत किया जाये। निकायों से कहा गया है कि जन संगठनों के माध्यम से अध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परिचर्चा, नृत्य नाटिका और भजन संध्या का आयोजन किया जायें। निकाय में स्थित उच्च शिक्षा के प्रतिष्ठानों में मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम के प्रसंगों पर परिचर्चा कराई जायें। निकाय में उपलब्ध सार्वजनिक शौलाचय की व्यवस्था पर विशेष ध्यान रखा जायें जिससे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हों। ऐसे मौकों पर निकाय शहरी क्षेत्र में सौन्दर्यता पर विशेष ध्यान रखें। निकाय स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों में सांसद, विधायक, नगरीय निकायों के जन-प्रतिनिधि, स्व-सहायता समूह के सदस्य, वरिष्ठ नागरिक एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को आमंत्रित किया जाये।

More Stories
गंभीर डेम में सिर्फ 84 दिन का पानी, नर्मदा लाइन का टी-कनेक्शन 1 साल से लंबित
जल जीवन मिशन को राहत: केंद्र 4000 करोड़ देने पर सहमत, कर्ज सीमा भी बढ़ेगी
गोविंदपुरा, मंडीदीप और पीथमपुर में अतिक्रमण, 6000 एकड़ पर कब्जा; मुक्त होने पर 5 हजार करोड़ का निवेश संभव