सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के साथ ही मकर संक्रांति पर्व शतभिषा नक्षत्र और रवि योग में 15 जनवरी को मनाया जाएगा. सोमवार के दिन यह पर्व पड़ने के कारण सूर्य देव के साथ भगवान शिव की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी. मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी का वितरण करने और मंदिरों में खिचड़ी का भोग लगाने का बड़ा महत्व रहता है. शहर के विभिन्न मंदिरों में विशेष धार्मिक अनुष्ठान एवं पूजन के साथ भगवान का विशेष श्रृंगार किया जाएगा. इस दिन पवित्र नदियों, जलाशय में डुबकी लगाने की परंपरा होने के चलते बड़ी संख्या में श्रृंद्धालु सहित कई घाटों पर स्नान दान करेंगे.
भगवान सूर्य देव 15 जनवरी की सुबह 9 बजकर 35 मिनट पर धनु राशि से मकर राशि प्रवेश करेंगे. उसी समय संक्रांति का पुण्यकाल शुरू हो जाएगा. जो शाम 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा. इस बार संक्रांति अश्व पर सवार होकर आ रही है. इस बार का संक्रांति व्यापार वाणिज्य के लिए शुभ रहेंगी. इस दिन पुण्यकाल में गंगा स्नान कर पूजा, जप-तप, दान करने से साधक को अक्षय फल की प्राप्ति होगी. साथ ही पितरों का आर्शीवाद प्राप्त होगा. उन्होंने बताया कि मेष, धनु, मिथुन, तुला, मकर एवं वृष राशि को लाभकारी एवं कर्क, कन्या, वृश्चिक एवं मीन राशि वालों के लिए कष्टकारी होगी.
मकर संक्रांति से शुरू होंगे शुभ कार्य
सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर खरमास समाप्त हो जाएगा. इसके साथ ही शुभ काम शुरू हो जाएंगे. जिसमें नामकरण मुंडन शादी विवाह है मकान निर्माण खरीदी जैसे कार्य भी शुरू हो जाएंगे. अभी पौष महीना चल रहा है. जिसमें भगवान सूर्य की आराधना की जाती है सूर्य की उपासना से लोगों के सभी पाप कर्म नष्ट हो जाते हैं और उत्तम फल की प्राप्ति होती है.

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