नईदिल्ली
बलात्कार मामले में बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने ये मामला निचली अदालत के समक्ष भेज दिया है और नए सिरे से सुनवाई करने करने के बाद फैसला लेने के लिए कहा है.
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने हनुमान जयंती के मौके पर कहा था, ''मैं आज भी जब निकलता हूं तो पढ़े- लिखे नौजवानों और बच्चे को झूमते हुए देखता हूं. ऐसे में सच में ऐसी इच्छा होती है कि पांच-सात ऐसी दूं कि इनका नशा उतर जाए. हनुमान जयंती पर मैं झूठ नहीं बोल नहीं रहा. लड़कियां भी इतने गंदे कपड़े पहनकर निकलती हैं कि इनमें देवी का स्वरूप नहीं दिखता बल्कि ये लोग शूर्पनखा लगती हैं.''
बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के इसी बयान पर बवाल शुरू हो गया था. उनकी कांग्रेस सहित कई पार्टियों ने आलोचना की थी. याचिकाकर्ता विजयवर्गीय के खिलाफ एफआईआऱ दर्ज कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे. कांग्रेस ने तो इसे बीजेपी की संस्कृति बता दिया था.
कांग्रेस ने क्या कहा था?
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने विजयवर्गीय के बयान पर कहा था कि ये बयान बीजेपी की संस्कृति को दिखाता है. बीजेपी का यही रुख है. मैं चाहता हूं कि जनता इस पर बहस करे. उन्होंने दावा किया था कि बीजेपी इस पर कुछ नहीं करेगी.

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