भोपाल
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान भोपाल में कान्हा टाईगर रिजर्व मंडला से अतिवृद्ध बाघिन टी-40 उपचार के लिए लाई गई थी, जिसे वन विहार स्थित रेस्क्यू सेंटर में रखा गया है। वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता, द्वारा किये गये हेमोटोलॉजिकल एवं सीरोलॉजिक परीक्षण में पाया गया कि बाघिन के गुर्दे ठीक तरह से कार्य नहीं कर रहे हैं।
वृद्ध बाघिन टी-40 डॉ. काजल जाधव, सहायक प्राध्यापक राज्य वन्यप्राणी फॉरेंसिक हैल्थ जबलपुर एवं डॉ. राजेश तोमर वन्यप्राणी चिकित्सक मुकुंदपुर जू से परामर्श अनुसार उक्त बाघिन का सतत् उपचार किया जा रहा है। संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान ने बताया कि 27 दिसम्बर को वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता द्वारा उक्त बाघिन टी-40 का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इनकी रिपोर्ट अनुसार बाघिन ने 16 दिसम्बर से भोजन लेना बंद कर दिया है। अधिक उम्र के कारण सतत् उपचार के बाद भी बाघिन के स्वास्थ्य में वांछित सुधार नहीं हो रहा है। वर्तमान में बाघिन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। बाघिन की गतिविधियों पर निरंतर निगरानी रखकर इसका समुचित उपचार किया जा रहा है।

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