कोरबा
जिले के तरदा ग्राम में जन्में, भारत सरकार के विभिन्न वन अनुसंधान संस्थान में अपनी सेवा दे चुके वैज्ञानिक पवन कौशिक का निधन कोविड की दूसरी लहर में हो गई। उन्हें अपने बूढ़े माता-पिता के कोरोना से गम्भीर रूप से संक्रमित होने की जानकारी जैसे ही प्राप्त हुआ तत्काल अगरतला त्रिपुरा से तरदा कोरबा आकर अपने माता पिता की सेवा कर उन्हें बचा लिए लेकिन वे स्वयं कोरोना की चपेट में गंभीर रूप से आ गए और कुछ ही दिनों में वे भौतिक शरीर को छोड़ गौ लोक गमन कर गए। उनकी याद में ग्राम तरदा के सभी ग्रामवासियों ने एकात्म कलार युवामंच, चरामेति फाउंडेशन, प्रगतिशील जायसवाल (कन्नौजिया कलार) समाज के सहगोग से वैज्ञानिक पवन कौशिक चौक का अनावरण पूर्व मंत्री व रामपुर के विधायक ननकीराम कंवर करेंगे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर राज्य सूचना आयुक्त धनवेंद्र जायसवाल, एकात्म कलार युवा मंच के अध्यक्ष डा. अनिल जायसवाल अध्यक्षता के रुप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही एकात्म कलार संवाद त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन, वृक्षारोपण, पुरखा के गोठ एवं सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया है।
उल्लेखनीय हैं कि भारत सरकार के वन अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद के विभिन्न पदों पर सेवा दे चुके स्व. कौशिक गुरु घांसीदास विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी कर वानिकी विज्ञान के जगत में भारत सरकार के सर्वोच्च सम्मान ब्रैंडिस पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। उनके किये गए शोध का डंका भारत के साथ – साथ विदेशों में बज रहा, उन्होंने अनेकों अंतराष्ट्रीय समिट में भारत सरकार के प्रतिनिधि के रूप में शिरकत की जिनमें से प्रमुख देशों में अमेरिका, चीन, नेपाल शामिल है। उनके रिसर्च और कार्य ने विश्वभर के अनेकों वैज्ञानिकों का रुख उक्त अनुसंधान केंद्रों की ओर किया है।
इसके अलावा स्व. कौशिक चरामेति फाउंडेशन, दिशा फाउंडेशन, एकात्म कलार युवामंच, सशक्तिकरण एवं पारिस्थितिक विकास संस्था के वे संस्थापक सदस्य रहे। चरामेति फाउंडेशन और दिशा फाउंडेशन के सभी परियोजनाओं को साकार करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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