इंदौर
चुनाव आयोग के निर्देश के बाद जिला प्रशासन लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। जिले में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 जनवरी को आयोजित किया जाएगा। जिले में एक जनवरी 2024 की अर्हता तिथि के आधार पर फोटो निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाना है।
हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या अधिक रहने से लंबी कतारें लगी रही और कई लोग लम्बे इंतजार के चलते बिना वोट डाले भी लौट आए। इसलिए अब लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या केन्द्रवार कम करने के साथ ही केन्द्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। लोकसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम भी शुरू होगा।
राज्य निर्वाचन आयोग ने विधानसभा चुनाव में जो नए प्रयोग किए उनका इस्तेमाल लोकसभा चुनाव में भी करने का निर्णय लिया है। वहीं कलेक्टरों ने जो समस्याएं बताई उन्हें भी दूर किया जाएगा। छह महीने बाद ही लोकसभा के चुनाव होना है। लिहाजा राजनीतिक दलों के साथ आयोग भी 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव करवाते ही अब बड़े चुनाव की तैयारी में जुट गया है।
मतदान केंद्रों की बढ़ेगी संख्या
इस बार इंदौर सहित प्रदेशभर में मतदान का प्रतिशत बढ़ा। अयोग ने मतदान केन्द्रों की संख्या में कोई बदलाव नहीं करवाया। इंदौर में ही कई मतदान केन्द्र पर मतदाताओं की संख्या भी ज्यादा हो गई है, जिसके चलते चुनाव के दौरान कई केन्द्रों पर लम्बी कतारें दिखीं और दो से ढाई घंटे का समय एक मतदाता को लगा, जिसके चलते कई लोग लम्बी कतार देखकर बिना वोट डाले भी वापस लौट आए। लोकसभा चुनाव में केन्द्रों पर मतदाताओं की संख्या कम कर केन्द्र की संख्या बढ़ाई जाएगी।

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