मुंबई
महाराष्ट्र में एनसीपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व ग्राम विकास मंत्री हसन मुश्रीफ (Hasan Mushrif) के घर और दफ्तर पर आज सुबह छह बजे से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने छापेमारी शुरू की है। यह छापेमारी कोल्हापुर और पुणे में कई जगहों पर की जा रही है। ईडी नहीं है। बीजेपी नेता किरीट सोमैया (Kirit Somaiya) ने पिछले साल मुश्रीफ पर 100 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया था। पिछले साल भी हसन मुश्रीफ के घर पर छापेमारी हुई थी। सोमैया ने कहा कि इस संबंध में जांच एजेंसी को सभी अहम दस्तावेज और सबूत मुहैया करवाए गए हैं। यह छापेमारी कोई बदले की भावना या दुश्मनी निकालने के लिए नहीं की गई है। हसन मुश्रीफ ने घोटाला किया है। इसलिए उनके खिलाफ जांच एजेंसी कार्रवाई कर रही है।
बीजेपी (BJP) नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि अप्पासाहेब नलावडे गडहिंग्लज शक्कर कारखाना के जरिये यह घोटाला हुआ है। इस कारखाने को ब्रिक्स इंडिया लिमिटेड को बेचा गया। जिसको शुगर मिल (Sugar Factory) चलाने का आरोप लगाया गया। ब्रिक्स इंडिया के मालिक हसन मुश्रीफ के दामाद हैं। फर्जी कंपनियों के जरिये पैसों को अपने अकाउंट में लिया गया।
विपक्ष ने साधा निशाना
उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने हसन मुश्रीफ के घर पर हुई ईडी की छापेमारी पर बयान देते हुए कहा कि जो लोग शिंदे-फडणवीस सरकार के खिलाफ मुखर होकर बोलते हैं। उनकी आवाज दबाने के लिए कार्रवाई की जाती है। इस मामले पर एनसीपी प्रवक्ता महेश तपासे ने कहा कि इसके पहले भी हसन मुश्रीफ ने इस मसले पर अपना स्पष्टीकरण दिया था। तपासे ने कहा कि पहले बीजेपी के नेता महाविकास अघाड़ी के नेताओं पर आरोप लगाते हैं। फिर केंद्रीय जांच एजेंसियां जैसे सीबीआई, ईडी, डीआरआई एमवीए नेताओं पर कार्रवाई करती हैं। उन्हें जेल में डालती हैं। तपासे ने कहा कि यह रेड राजनीतिक से प्रेरित नजर आती है।

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