इंदौर
जिला न्यायालय परिसर में वकील की वेषभूषा में घूमने वाले नकली वकीलों के खिलाफ जिला न्यायालय के वकील मुहिम चलाएंगे। वे संदिग्ध लोगों से पूछताछ करेंगे और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर संघ को जांच सौंपेंगे। वकीलों ने विधि विद्यार्थियों से कहा है कि वे अपने पहचान पत्र साथ रखें और मांगने पर प्रस्तुत जरूर करें।
एडवोकेट राकेश पाल ने बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि कुछ लोग वकीलों की वेषभूषा में जिला न्यायालय परिसर में घूमते हैं। वे पक्षकारों को बरगलाकर अपने साथ ले जाते हैं और न्यायालय में छोटे-मोटे काम जैसे जमानत भरना, दस्तावेजों की नकलें निकालना इत्यादि करते हैं। इसके एवज में वे पक्षकारों से मोटी रकम भी वसूलते हैं।
ऐसे लोग वकील की वेषभूषा में होते हैं इसलिए पक्षकार भी इन पर सहज ही भरोसा कर लेते हैं। एडवोकेट गणेश मालवीय ने कहा कि ऐसे नकली लोगों की वजह से वकीलों की छबि धूमिल हो रही है। अब जिला न्यायायलय के वकील समूह बनाकर ऐसे फर्जी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाएगी।
पहले भी पकड़ा चुके हैं फर्जी वकील
इंदौर अभिभाषक संघ में आठ हजार से ज्यादा सदस्य हैं। इनमें से कई ऐसे भी हैं जो नियमित रूप से न्यायालय नहीं आते। यही वजह है कि वकील की वेषभूषा में घूमने वाले फर्जी लोगों की पहचान आसान नहीं होती। विधि विद्यार्थी भी वकीलों द्वारा पहना जाने वाला काला कोट पहनते हैं। इसी तरह वकीलों के यहां काम करने वाले मुंशी भी लगभग इसी तरह की वेषभूषा में होते हैं।
हालांकि बेंड बांधने का अधिकार सिर्फ सनद प्राप्त वकीलों को ही होता है। जिला न्यायालय में फर्जी वकीलों की समस्या बहुत पुरानी है। कुछ दिन पहले ही वकीलों ने ऐसे ही एक फर्जी व्यक्ति को पकड़कर एमजी रोड़ पुलिस के सुपुर्द किया था।

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