भोपाल.
शहर की अवैध कालोनी में रहने वाले रहवासियों को जल्द ही नौ रूपए प्रति वर्गफीट की दर से विकास शुल्क जमा कर भवन अनुज्ञा दी जाएगी। इस संबंध में शासन ने पहले ही आदेश जारी कर दिए थे, लेकिन अब नगर निगम इसे आचार संहिता समाप्त होने के बाद लागू करेगा। जिससे विकास शुल्क में 50 प्रतिशत की राहत अवैध कालोनी की रहवासियों को मिलेगी।
पांच लाख आबादी करती है अवैध कालोनियों में निवास
भोपाल मास्टर प्लान के लिए हुए सर्वे के अनुसार शहर में 238 अवैध कालोनियां हैं, जिनमें लगभग पांच लाख आबादी निवास करती है। इनमें स्लम एरिया भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा अवैध कालोनियां नरेला विधानसभा क्षेत्र में हैं। इसके बाद हुजूर व बड़ा तालाब के कैंचमेंट क्षेत्र तक में अवैध कालोनियां बसी हुई हैं।
भवन अनुज्ञा से यह होगा लाभ
अवैध कालोनी में विकास शुल्क जमा करने के बाद रुके हुए विकास कार्य पूरे हो पाएंगे। वहीं वैधता मिलने से शासन समेत जनप्रतिनिधियों की मदद से विकास काम हो सकेंगे। इन अवैध कालोनियां में पानी, सड़क, बिजली, सीवेज, सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल पाएंगी।
वर्ष 2016 तक की अवैध कालोनियां चिह्नित
शहर में अभी तक वर्ष 2016 तक विकसित अवैध कालोनियों का सर्वे कर लिया गया है। यहां भवन अनुज्ञा जारी करना शुरू की गई है । विकास की स्थिति का आकलन करके शुल्क तय किया गया है । 80 प्रतिशत कालोनीयों में यह शुल्क 18 रुपये वर्गफीट है। अब इसे आधा किया जाना है। आचार संहिता से पहले शासन ने 2022 तक की अवैध कालोनियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे।

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