भोपाल
विधानसभा चुनाव के दौरान बुंदेलखंड में भले ही कांग्रेस और भाजपा में टक्कर दिखाई देता हो । लेकिन मतदान से पहले यहां जाति वाला मामला सबसे ज्यादा हावी हो जाता है। कांग्रेस ने सागर जिले की आठ विधानसभा सीटों में से चार सीटों पर महिला प्रत्याशियों पर दाव खेलकर बुंदेलखंड की हवा बदल दी है।
भाजपा के दिग्गज नेताओं के सामने कांग्रेस ने महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान बुंदलेखंड की 26 सीटों पर भाजपा ने 17 सीटे जीतकर अपना परचम फहराने में भले ही सफल हो गयी हो, लेकिन इस बार कांग्रेस ने महिला उम्मीदवारों पर दांव खेलकर यहां की चुनावी तस्वीर पूरी तरह से बदल दी है। चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस ने बुंदेलखंड में ज्यादा फोकस की। सागर जिले में कांग्रेस के राष्टÑीय अध्यक्ष मलिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने जहां महिला प्रत्याशियों के समर्थन में सभा की। वहीं प्रियंका गांधी ने दमोह में सभा करके बुंदेलखंड से जुड़ी समस्याओं को बहुत जोर- शोर से उठाया था। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इस क्षेत्र में महज सात सीटे ही जीतने में सफल रही।
कांग्रेस की महिला विभाग की प्रदेश अध्यक्ष विभा पटेल ने बताया कि प्रचार थमने के बाद महिला उम्मीदवार महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर महिला मतदाताओं से डोर-टू-डोर कैंपेन करके जहां चर्चा कर रही है। वही दूसरी तरफ प्रत्याशी कमरा बैठक के दौरान कांग्रेस के नारी सम्मान योजना की चर्चा कर रही है। तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस का वचनपत्र महिला मतदाताओं को दे रही है। कांग्रेस की ग्यारह गारंटी के बारे में विस्तार से चर्चा कर रही है। साथ ही महिला प्रत्याशी यह दावा भी कर रही है कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो महिलाओं को रोजगार भी मुहैया कराया जाएगा।

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