नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट टीम जब मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड कप 2023 का सेमीफाइनल मुकाबला खेल रही थी, तो उस समय पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का जिक्र बार-बार हो रहा था, क्योंकि आखिरी बार वर्ल्ड कप भारत ने उन्हीं की कप्तानी में जीता था और मैदान भी मुंबई का वानखेड़े स्टेडियम ही था। भारत के सबसे सफल कप्तान कहे जाने वाले एमएस धोनी का जिक्र भले ही मैच में हो रहा था, लेकिन धोनी मैदान क्या शहर से 1700 किलोमीटर दूर थे।
दरअसल, बुधवार 15 नवंबर को जब भारत के करोड़ों फैंस टीम इंडिया की जीत की दुआएं कर रहे थे, तो उसी समय कैप्टन कूल कहे जाने वाले एमएस धोनी करीब 20 साल बाद उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित अपने पैतृक गांव ल्वाली पहुंचे थे। उनको अपने पैतृक गांव का रास्ता याद नहीं था तो उन्होंने गांव के लोगों से रास्ता पूछा और करीब एक किलोमीटर पैदल चलने के बाद वे गांव में एक पुराने मंदिर में पहुंचे, जहां उन्होंने अपने इष्ट देवी-देवताओं को याद किया।
बता दें कि एमएस धोनी काफी समय से रांची में रहते हैं। खेल के दिनों से ही उन्होंने अपना घर रांची में बना लिया था और अब एक बड़ा फार्महाउस उनके पास है और उसी में वे अपने घरवालों के साथ रहते हैं। यही वजह है कि वे अपने पैतृक गांव काफी समय तक नहीं गए। हालांकि, अब उन्होंने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह दिया है और क्रिकेट में सिर्फ आईपीएल खेलते हैं तो उनके पास समय है। इस वजह से वे अपने पैतृक गांव पहुंचे और लोगों से मिले।
धोनी के कई वीडियो और तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिनमें एमएस धोनी एक मंदिर के सामने पूजा कर रहे हैं। एक वीडियो वायरल है, जिसमें वे गांव वालों से अपने पैतृक गांव का रास्ता पूछ रहे हैं। एक अन्य वीडियो में वे अपने फैंस से मिल रहे हैं और एक और वीडियो वायरल है, जिसमें वह एक बुजुर्ग महिला के साथ फोटो क्लिक करा रहे हैं। गांव के लोगों का मेला सा उनके आने पर लगा, जिसको भी उनके आने की जानकारी मिली, वह दौड़ा चला आया।

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