इंदौर
मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों द्वारा अपने-अपने नामांकन दाखिल किए जा चुके हैं। नामांकन दाखिल करने के बाद सभी प्रत्याशी अपने वार्ड में चुनाव प्रचार के लिए जुट गए हैं। इंदौर की नौ विधानसभा सीटों में से शहर के पांच अलग-अलग विधानसभाओं में भाजपा के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुट चुके हैं। इंदौर विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 5 का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। 2003 से लगातार विधायक रहे महेंद्र हार्डिया का कुछ अनोखे अंदाज में स्वागत किया गया। उनको इतनी मालाएं पहनाई गयी कि केवल उनका मुंह है दिख रहा है और वो माले के नीचे दबे हुए नजर आ रहे हैं।
गौरतलब हो, विधानसभा क्रमांक 5 में अधिकतर मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद कांग्रेस को महज कुछ ही वोट मिलते हैं और भाजपा यहां से अपने प्रत्याशी को भारी बहुमत से जीत कर लाती है।
पिछले चार चुनाव में बीजेपी के पास बनी रही यह सीट में इस बार फिर से पार्टी द्वारा महेंद्र हार्डिया को ही अपने प्रत्याशी के रूप में उतारा है। बात की जाए साल 2018 के विधानसभा चुनाव की तो पिछले मुकाबले में महज 1133 मतों के अंतर से बीजेपी ने इस सीट पर अपनी जीत दर्ज कि थी। साल 2018 में 13 उम्मीदवार इस सीट से खड़े हुए थे जहां महेंद्र हडिया को 1,17,836 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस के ही सत्यनारायण पटेल के खाते में 1,16,703 आए थे। इस बार दोनों ही उम्मीदवार फिर से आमने-सामने है और इस बार भी इन दोनों के बीच कांटे की टक्कर की बात कही जा रही है।
विधानसभा क्रमांक 5 में कुल 3,74,032 मतदाता है। जिसमें से पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,93,949 थी। वहीं उनके मुकाबले महिला मतदाताओं की बात की जाए तो 1,80, 068 महिलाओं की संख्या है।
साल 2003 विधानसभा चुनाव के बाद से अबतक ये सीट महेंद्र हार्डिया के नाम रही है। भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर उन्हें चुनावी मैदान में उतारा है। देखना होगा कि महेंद्र हार्डिया एक बार फिर जीत की ले बरकरार रख पाएंगे या नहीं।

More Stories
बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति का फॉर्मूला: 106 सदस्य तय, ओरछा बैठक से पहले बड़ा बदलाव, विशेष आमंत्रित सदस्य 30%
फायरब्रांड नेता नाजिया इलाही खान को पाकिस्तान से मिली जान से मारने की धमकी, बोलीं- मैं डरने वाली नहीं
भाजपा के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ने ग्वालियर में दिया मंत्र: कार्यकर्ताओं के निर्माण का साधन है प्रशिक्षण