नई दिल्ली.
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा सीज फायर का उलंघन और उकसावे का मुंहतोड़ जवाह दिया। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई में जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर अरनिया और आरएस पुरा सेक्टरों में पाकिस्तानी चौकियों और सीमा पर बना मॉनिटरिंग टावर ध्वस्त हो गया है। पाकिस्तान रेंजर्स ने 2021 के बाद से पहला बड़ा संघर्ष-विराम उल्लंघन कर गुरुवार रात आरएस पुरा सेक्टर के अरनिया इलाके में गोलीबारी की, जो लगभग सात घंटे तक चली। इस गोलीबारी में बीएसएफ का एक जवान और एक महिला घायल हो गई। जिसके जवाब में बीएसएफ ने पाकिस्तानी सेना के उकसावे का जवाब दिया है।
रिपोर्ट की मानें तो बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी रेंजर्स पर आतंकवादियों की घुसपैठ के प्रयासों का समर्थन करने का दबाव है क्योंकि उन्हें नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ भारत में घुसने में सफलता नहीं मिल रही है। सूत्रों ने बताया कि स्थानीय बीएसएफ बलों की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी पक्ष को भारी नुकसान हुआ। सूत्रों ने बताया कि कई पाकिस्तानी रेंजर्स भी घायल हो गए और उन्हें एम्बुलेंस में अस्पतालों में ले जाया गया, जिन्हें रात भर इधर-उधर आते-जाते देखा गया। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि सुचेतगढ़ में एक सीमा चौकी पर कमांडर स्तर की बैठक में पाकिस्तान रेंजर्स के समक्ष विरोध दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि बैठक करीब एक घंटा चली।
17 अक्टूबर को अरनिया में बीएसएफ चौकी पर सीमा पार से हुई गोलीबारी में दो जवान घायल हो गए थे, जिसके बाद 10 दिनों में दोनों पक्षों के बीच यह दूसरी बैठक थी। इस सेक्टर में हुई घटना भारत और पाकिस्तान के बीच जम्मू एवं कश्मीर सीमा पर 25 फरवरी, 2021 को हुए संघर्षविराम का पहला उल्लंघन था। अधिकारियों ने कहा कि हालिया बैठक शांतिपूर्ण माहौल में हुई और दोनों पक्षों ने सीमा पर शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि बैठक में बीएसएफ और पाकिस्तान रेंजर्स के सात-सात सदस्यों ने भाग लिया।

More Stories
PM मोदी और शहबाज शरीफ को लिखी 100 हस्तियों की चिट्ठी पर BJP का हमला, जानें किन नेताओं के नाम शामिल
देशभर में लागू हुई G RAM G योजना, कितनी मिलेगी मजदूरी? जानें मनरेगा से ज्यादा या कम
एनएमडीसी ने पहली तिमाही की अब तक की सर्वाधिक मात्रा दर्ज की, 60 एमटी लक्ष्य के लिए गति बनाई