सूरत
गुजरात की सूरत क्राइम ब्रांच ने कुख्यात आतंकवादी संगठन अलकायदा (Al-Qaeda Module) के एक आतंकी को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। पकड़ा गया यह आतंकी बांग्लादेश का नागरिक है, जो पिछले 8 साल से फर्जी तरीके से भारत में रह रहा था। एनआईए समेत कई समेत कई सुरक्षा एजेंसियों को काफी समय से इसकी तलाश थी।
पुलिस की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि सूरत क्राइम ब्रांच ने आतंकवादी संगठन अल-कायदा से कथित संबंध रखने वाले एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान अबु बकर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अबू बकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की जांच में भी वॉन्टेड था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी अबू बकर के पास से एक फर्जी आधार कार्ड और एक बांग्लादेशी पहचान पत्र बरामद हुआ है। इतना ही नहीं, आरोपी के पास से अंग्रेजी और बांग्लादेशी भाषाओं में जन्म प्रमाण पत्र भी मिले हैं। उसके पास दो मोबाइल फोन भी थे जिन्हें जब्त कर लिया गया है।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान आरोपी अबू बकर ने खुलासा किया कि अब उसने अपना नाम बदल लिया है और वह 2015 से अहमदाबाद में रह रहा है। पुलिस ने कहा कि वह अवैध रूप से भारत आया और नकली आधार कार्ड बनवा लिया था। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।
गौरतलब है कि, इससे पहले इसी साल मई महीने में भी गुजरात एटीएस ने अहमदाबाद में अलकायदा मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए इससे जुड़े चार बांग्लादेशी नागरिकों- मोहम्मद सोजिब, मुन्ना खालिद अंसारी, अजहरुल इस्लाम अंसारी और मोमिनुल अंसारी को गिरफ्तार किया था, जो अवैध रूप से अहमदाबाद में रह रहे थे। गिरफ्तार आतंकियों से पूछताछ और प्रारंभिक जांच से पता चला था कि भारत भेजे जाने से पहले उन्होंने बांग्लादेश में स्थित आकाओं से आतंक की ट्रेनिंग ली थी। यह चारों आतंकी युवाओं को अलकायदा के लिए भर्ती करने के प्लान में शामिल थे। एटीएस के अनुसार, इन सभी संदिग्धों ने बांग्लादेश में फंड ट्रांसफर करने के दौरान गुजरात में कुछ लोगों को आतंकी बनाने का प्रयास किया था।

More Stories
थलापति विजय की डबल चाल: TVK के दोनों हाथों में लड्डू, सरकार बनाने का खेल जारी
भारत और वियतनाम ने किए 13 समझौते, UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम का होगा लिंक
असम में 12 मई को शपथ समारोह, पीएम मोदी होंगे मौजूद; सरमा ने बताया नया CM कब चुना जाएगा