नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी संजीव भट्ट पर अदालत का समय बर्बाद करने के एवज में गुजरात उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ के खाते में तीन लाख रुपए जमा करने का आदेश देते हुए मंगलवार को उनकी तीन याचिकाएं खारिज कर दीं।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति राजेश बिंदल की पीठ ने भट्ट के एक ही मसले पर बार-बार शीर्ष अदालत के समक्ष याचिकाएं दायर करने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अदालत का समय बर्बाद करने पर यह आदेश पारित किया।
पीठ ने उनकी तीन याचिकाओं पर एक- एक लाख रुपए (अदालत का समय बर्बाद करने के एवज में) देने का आदेश दिया।
यह मामला नशीले पदार्थों को अवैध तरीके से रखने का गलत आरोप लगाते हुए एक वकील को कथित तौर पर फंसाने के आरोप से जुड़ा हुआ है।
वर्ष 2018 से जेल में बंद भट्ट के खिलाफ इस मामले में निचली अदालत में चल रही सुनवाई को किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित करने की उनकी गुहार उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने के बाद उन्होंने शीर्ष अदालत का बार बार दरवाजा खटखटा था।

More Stories
India-US Trade Deal: जल्द फाइनल हो सकती है भारत-अमेरिका डील, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के दौरे से बढ़ी उम्मीदें
AAP विधायक को बड़ा झटका, पत्नी समेत 9 लोगों को 7-7 साल की जेल; मारपीट और वसूली मामले में सजा
Rule Change From July: 1 जुलाई से बदल जाएंगे ये 7 बड़े नियम, LPG, रेलवे और आधार से जुड़े बदलाव का जेब पर असर