इंफाल
मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है। मणिपुर के पहाड़ी जिले चुराचांदपुर में एक संदिग्ध आतंकवादी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को बांग्लादेश और म्यांमार के आतंकवादी सरगनाओं से जुड़े अंतरराष्ट्रीय साजिश मामले में देश की शीर्ष आतंकवाद विरोधी एजेंसी ने गिरफ्तार किया है। संदिग्ध को पूछताछ और आगे की जांच के लिए दिल्ली लाया जा रहा है। आतंकवाद रोधी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि आरोपी और म्यांमार और बांग्लादेश में उसके नेटवर्क ने मणिपुर संकट का फायदा उठाने की कोशिश की।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने एक्स (ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि आतंकी आरोपी, सेमिनलुन गंगटे, "मणिपुर में जातीय अशांति का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने के लिए म्यांमार और बांग्लादेश स्थित आतंकी संगठनों के नेतृत्व के साथ साजिश में सहायक है। पुलिस सूत्रों ने एनडीटीवी को बताया कि गंगटे 22 जून को मणिपुर के क्वाक्टा में हुए कार बम विस्फोट का भी मुख्य आरोपी है।
इस विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 22 जून को एक छोटे पुल के पास खड़ी एक स्कॉर्पियो एसयूवी में विस्फोट हो गया था। इसके बाद हिंसा में गंभीर वृद्धि देखी गई थी। उसी समय आशंका जताई गई थी कि इस हमले में प्रशिक्षित आतंकवादियों का हाथ हो सकता है। एनआईए ने यह नहीं बताया है कि गैंगटे का संबंध किस आतंकी समूह से है।
लगभग 25 कुकी विद्रोही समूहों ने केंद्र, राज्य और सेना के साथ त्रिपक्षीय ऑपरेशन निलंबन (एसओओ) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से ज्यादातर समूह चुराचांदपुर में स्थित हैं। समझौते के तहत विद्रोहियों को निर्दिष्ट शिविरों में रहना होगा और उनके हथियारों को निगरानी भंडार में रखा जाएगा। हालांकि, आरोप हैं कि SoO समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले समूहों के कुछ विद्रोही मणिपुर हिंसा में भाग ले रहे हैं। एनआईए ने जुलाई में अपनी तरफ से यह मामला दर्ज किया था।

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