नागपुर
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत और महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने संसद से ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ पारित होने की प्रशंसा की और कहा कि इससे महिला सशक्तीकरण और समान भागीदारी सुनिश्चित होगी।
इस विधेयक का मकसद महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण देना है।
आरएसएस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर भागवत और होसबाले के हवाले से कहा, ‘‘भारत की संसद ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ पारित कर नया इतिहास रचा है जो महिला सशक्तीकरण और उनकी समान भागीदारी सुनिश्चित करता है।’’
इस कदम को एक महत्वपूर्ण फैसला बताते हुए आरएसएस ने कहा कि यह देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत तथा समावेशी बनाएगा।
आरएसएस ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसे स्वागत योग्य और सराहनीय कदम मानता है। हमें विश्वास है कि महिलाओं की भागीदारी देश के विकास में नए आयाम जोड़ेगी।’’

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