बाढ़ एवं आपदा से निपटने की तैयारियों को परखा, कोरी डेम में हुआ मॉक एक्सरसाइज
एसडीआरएफ और होमगार्ड की टीम ने किया बाढ़ में फंसे व्यक्ति के रेस्क्यू का हूबहू प्रदर्शन
कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने मौके पर व्यवस्थाओं का लिया जायजा
बिलासपुर,
बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों को परखने के लिए आज कोटा के कोरी डेम में मॉक एक्सरसाइज आयोजित किया गया। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह की उपस्थिति में हुए इस अभ्यास में होमगार्ड तथा एसडीआरएफ की टीमों ने हिस्सा लिया। इस दौरान बाढ़ में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालने की पूरी प्रक्रिया का हूबहू प्रदर्शन किया गया।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान आपदा की स्थिति निर्मित कर यह प्रदर्शित किया गया कि सूचना मिलने से लेकर घटनास्थल तक राहत एवं बचाव दल के पहुंचने, स्थिति का आकलन करने, बचाव उपकरणों के उपयोग और बाढ़ में फंसे व्यक्ति को सुरक्षित निकालने तक की कार्रवाई किस प्रकार की जाती है। एसडीआरएफ एवं होमगार्ड के जवानों ने डेम के जलक्षेत्र में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन का प्रदर्शन किया। अभ्यास के माध्यम से टीम के आपसी समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और उपलब्ध संसाधनों की उपयोगिता को भी परखा गया।
मौके पर विभिन्न प्रकार के बचाव एवं आपदा प्रबंधन उपकरणों की प्रदर्शनी भी लगाई गई। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रदर्शित उपकरणों का अवलोकन किया और उनके उपयोग की जानकारी ली।अधिकारियों ने रेस्क्यू टीम के जवानों से उपकरणों के संचालन और आपात स्थिति में उनके उपयोग की प्रक्रिया के संबंध में भी जानकारी ली।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आपदा प्रबंधन में समय पर प्रतिक्रिया और सही तरीके से किया गया बचाव कार्य जीवन बचाने में सबसे महत्वपूर्ण होता है। बाढ़ की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, होमगार्ड और स्थानीय अमले के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि मॉक एक्सरसाइज का उद्देश्य केवल अभ्यास करना नहीं, बल्कि वास्तविक आपदा के समय आने वाली संभावित चुनौतियों को पहले से पहचानकर अपनी तैयारियों को और मजबूत करना है। उन्होंने संबंधित टीमों को अपने संसाधनों और उपकरणों को हमेशा तैयार स्थिति में रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा कि बाढ़ अथवा किसी भी आपदा की स्थिति में पुलिस और बचाव दल की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण होती है। वास्तविक घटनाओं में कई बार परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण होती हैं, इसलिए नियमित अभ्यास से जवानों को विपरीत परिस्थितियों में बेहतर ढंग से काम करने का अनुभव मिलता है। उन्होंने कहा कि मॉक एक्सरसाइज के माध्यम से टीमों के बीच समन्वय, संचार व्यवस्था और रेस्क्यू ऑपरेशन की व्यवहारिक क्षमता को परखा गया है। उन्होंने जवानों से आपदा के समय धैर्य, सतर्कता और पूरी सावधानी के साथ कार्य करने की बात कही।
मॉक एक्सरसाइज के दौरान यह भी देखा गया कि जलभराव अथवा बाढ़ में फंसे लोगों तक राहत दल किस गति से पहुंच सकता है और उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग किस तरह किया जा सकता है। अधिकारियों ने अभ्यास के दौरान सामने आए विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की तथा आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर अपर कलेक्टर ज्योति पटेल, एडिशनल एसपी मधुलिका सिंह, होमगार्ड के डीआईजी एल पी वर्मा , डिवीजनल कमांडेंट होमगार्ड नरसिंह नेताम, एसडीएम प्रवेश पैकरा, डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमगार्ड एवं एस डी आर एफ दीपांकुर नाथ, डिप्टी कलेक्टर भवानी साव एवं सालिकराम गुप्ता सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बचाव दल के जवान मौजूद रहे। मॉक एक्सरसाइज ने आपदा के समय त्वरित, सुरक्षित और समन्वित राहत-बचाव कार्रवाई के लिए तैयारियों को व्यवहारिक रूप से परखने का अवसर दिया।

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