नई दिल्ली
लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस विशेष सत्र ( तेरहवें सत्र) के दौरान लोकसभा में 160 प्रतिशत काम हुआ। सत्र के दौरान लोकसभा की चार बैठकें हुईं, जो 31 घंटे तक चलीं। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (128वां संशोधन) विधेयक पर सदन में 9 घंटे और 57 मिनट तक चर्चा हुई। इस बिल पर बहस में 60 सांसदों ने भाग लिया, जिनमें 32 महिला सांसद शामिल रहीं। सदन ने बुधवार को भारी बहुमत से महिला आरक्षण से जुड़े बिल को पारित कर दिया।
18 सितंबर से शुरू हुए सदन की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में कहा कि यह सत्र संसदीय इतिहास में एक ऐतिहासिक सत्र के रूप में याद किया जाएगा, क्योंकि इस सत्र के दौरान संसद ने नए भवन में अपनी यात्रा आरम्भ की। सदन के कामकाज के संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभा को सूचित किया कि 18 सितंबर, 2023 को शुरू हुआ सत्र, जिसमें 4 बैठकें थीं, लगभग 31 घंटे तक चला। बिरला ने बताया कि सत्र के दौरान सदन की उत्पादकता 160 प्रतिशत रही। सत्र के दौरान एक सरकारी विधेयक पेश किया गया और एक विधेयक पारित किया गया। 19 सितंबर, 2023 को पेश किए गए संविधान (128वां संशोधन) विधेयक पर चर्चा 9 घंटे और 57 मिनट तक चली। चर्चा में 60 सदस्यों ने भाग लिया, जिनमें 32 महिला सदस्य शामिल हैं । विधेयक को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप दो-तिहाई बहुमत से पारित किया गया।
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई "संविधान सभा से लेकर 75 वर्षों की संसदीय यात्रा – उपलब्धियां, अनुभव, यादें और सीख' विषय पर चर्चा 6 घंटे और 43 मिनट तक चली, जिसमे 36 सदस्यों ने भाग लिया। 21 सितंबर, 2023 को केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने "चंद्रयान-3 मिशन की सफलता और अंतरिक्ष क्षेत्र में हमारे देश की अन्य उपलब्धियों" विषय पर चर्चा शुरू की जो 12 घंटे और 25 मिनट तक चली और 87 सदस्यों ने इसमें भाग लिया। अध्यक्ष ने सदन का ध्यान इस ओर भी आकर्षित किया कि लोकसभा की विभाग-संबंधित स्थायी समितियों ने एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है। सत्र के दौरान, 20 सितंबर, 2023 को निर्देश 73ए के तहत एक वक्तव्य दिया गया और लगभग 120 कागजात सदन के पटल पर रखे गए।

More Stories
PM Modi Raghav Chadha Meeting: सुबह-सुबह पीएम मोदी से मिले AAP सांसद राघव चड्ढा, भेंट किया खास तोहफा; लिखा-‘हमेशा याद रखूंगा’
Gen-Z की नब्ज समझ गए मोहन भागवत? जानिए कैसे युवा पीढ़ी और BJP के बीच मजबूत पुल बना RSS
महुआ मोइत्रा विवाद: “अगर उन्हें कुछ हुआ तो सुप्रीम कोर्ट जिम्मेदार”, कॉकरोच ने जज को बताया ‘बड़बोला’