नई दिल्ली
उच्चतम न्यायालय ने एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता ज्योति जगताप की एक याचिका पर सुनवाई चार सप्ताह के लिए स्थगित कर दी, जिसमें उन्होंने जमानत खारिज करने के बंबई उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी है।
जगताप ने उच्च न्यायालय के 17 अक्टूबर, 2022 के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है। उच्च न्यायालय ने जगताप की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि उनके खिलाफ दर्ज राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) का मामला “प्रथम दृष्टया सच” है और वह प्रतिबंधित भाकपा (माओवाद) की “व्यापक साजिश” में शामिल थीं।
जगताप की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ता अपर्णा भट ने एनआईए के हलफनामे पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा, जिसके बाद न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस और न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी की पीठ ने सुनवाई स्थगित कर दी।
शीर्ष अदालत ने जगताप को तीन सप्ताह में अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

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