TRAI का बड़ा प्रस्ताव, सिर्फ कॉलिंग और SMS वाले सस्ते रिचार्ज प्लान आएंगे।

हाल ही में खबर आई थी कि दूरसंचार कंपनियां अगले तीन से चार महीनों के अंदर मोबाइल रिचार्ज में 12 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी कर सकती हैं। इसी बीच अब खबर आ रही है कि कुछ मोबाइल रिचार्ज जल्द ही पहले से सस्ते भी हो सकते हैं। जी हां, टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी TRAI ने ऐसा प्रस्ताव तैयार किया है, जिससे उन ग्राहकों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं पड़ती।

नए मसौदे के मुताबिक टेलीकॉम कंपनियों को सिर्फ कॉलिंग और SMS वाले अलग रिचार्ज प्लान्स भी उपलब्ध कराने होंगे। इससे फीचर फोन यूज करने वाले, वरिष्ठ नागरिकों और सेकेंडरी सिम यूज करने वाले लाखों ग्राहकों का खर्च कम हो सकता है। चलिए इसके बारे में और विस्तार से जानते हैं…

संबंधित पक्षों से मांगे गए सजेशन
TRAI ने दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण विनियम, 2026 का मसौदा जारी करते हुए सभी संबंधित पक्षों से इसके लिए सजेशन मांगे हैं। सभी सुझावों पर विचार के बाद एंड में नए नियम जारी किए जाएंगे। नियामक का कहना है कि जिन यूजर्स को इंटरनेट की जरूरत नहीं है, उन्हें डेटा के लिए एक्स्ट्रा पे करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।

नए प्रस्ताव में क्या-क्या?
फिलहाल ज्यादातर टेलीकॉम कंपनियां 7, 28, 56 और 84 दिनों की वैलिडिटी वाले रिचार्ज प्लान डेटा के साथ ही उपलब्ध करा रही हैं। ऐसे में अगर किसी यूजर को सिर्फ कॉलिंग और SMS की जरूरत पड़ती है तो, तब भी उसे डेटा वाला महंगा प्लान लेना पड़ता है।

ऐसे में TRAI ने प्रस्ताव दिया है कि जिन वैलिडिटी में डेटा प्लान उपलब्ध हैं, उन्हीं वैलिडिटी में सिर्फ वॉयस कॉल और SMS वाले प्लान भी उपलब्ध कराए जाएं ताकि ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक कोई भी प्लान चुन सकेंगे।

कितनी घट सकती है कीमत?
मसौदे में बताया गया है कि मोबाइल रिचार्ज की कुल कीमत का बड़ा हिस्सा डेटा सर्विस का होता है। एक अनुमान के मुताबिक किसी प्लान की कीमत में लगभग 50 से 70 प्रतिशत हिस्सा डेटा का होता है। ऐसे में अगर डेटा को हटाकर सिर्फ कॉलिंग और SMS की सुविधा दी जाए तो ऐसे प्लान काफी ज्यादा सस्ते हो सकते हैं।

उदाहरण के तौर पर अगर किसी डेटा प्लान की कीमत 300 रुपये है, तो उसी वैलिडिटी वाला सिर्फ कॉलिंग और SMS प्लान करीब 100 से 150 रुपये तक मिल सकता है। हालांकि फाइनल प्राइस तय करने का अधिकार टेलीकॉम कंपनियों के पास ही रहेगा।