नई दिल्ली
भाद्रपद या भाद्रो मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को गणेश चतुर्थी का पावन पर्व मनाया जाता है। इस दिन से इस उत्सव की शुरुआत होती है और अनंत चतुर्दशी पर इसका समापन होता है। भगवान गणेश को समर्पित यह त्योहार गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस साल गणेश चतुर्थी 19 सितंबर को है। जानें गणेश चतुर्थी के दिन किस शुभ मुहूर्त में करें गणेश स्थापना व वर्जित चंद्रदर्शन टाइमिंग-
गणेश चतुर्थी के दिन होती है गणपति स्थापना-
गणेश चतुर्थी के दिन लोग ढोल-नगाड़ों के साथ विघ्नहर्ता को धूमधाम से घर लाते हैं और उनकी स्थापना करते हैं। भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। जानें भगवान गणेश के स्थापना का समय व अन्य खास बातें-
इस शुभ मुहूर्त में करें भगवान गणेश की स्थापना-
चतुर्थी तिथि 18 सितंबर 2023 को दोपहर 12 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ होगी और 19 सितंबर को दोपहर 01 बजकर 43 मिनट पर समाप्त होगी। गणेश स्थापना या पूजन का शुभ मुहूर्त सुबह 11 बजकर 01 मिनट से दोपहर 01 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। मुहूर्त की कुल अवधि 02 घंटे 27 मिनट की है।
गणेश चतुर्थी के दिन नहीं किए जाते हैं चंद्रदर्शन-
शास्त्रों के अनुसार, चतुर्थी के दिन चंद्रमा के दर्शन से बचना चाहिए। अगर चंद्रमा को देख लिया को झूठा कलंक लग सकता है। ठीक उसी तरह से जिस तरह से भगवान श्रीकृष्ण को स्यमंतक मणि चुराने का लगा था। कहा जाता है कि अगर किसी व्यक्ति ने भूलवश चंद्रदर्शन कर लिया हो कृष्ण स्यमंतक कथा को पढ़ने या सुनने से भगवान गणेश क्षमा कर देते हैं।
इस समय भूलकर भी न करें चंद्रदर्शन-
एक दिन पूर्व, वर्जित चंद्रदर्शन का समय – 12:39 पी एम से 08:10 पी एम, सितंबर 18
अवधि – 07 घंटे 32 मिनट
वर्जित चन्द्रदर्शन का समय – 09:45 ए एम से 08:44 पी एम
अवधि – 10 घण्टे 59 मिनट्स
गणेश विसर्जन कब होगा-
इस साल गणेश विसर्जन 28 सितंबर 2023, गुरुवार को किया जाएगा।

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