बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल भेजने के निर्देश, शासकीय भवनों के वर्टिकल व आधुनिक डिजाइन तथा नई तकनीक से निर्माण पर जोर
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने की कार्यों की समीक्षा, भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग की बाधाओं को समय-सीमा में निराकृत करने के दिए निर्देश
रायपुर
लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज सभी मुख्य अभियंताओं की बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय नवा रायपुर के निर्माण भवन में आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्माण कार्यों में भू-अर्जन, वन-व्यपवर्तन, पोल शिफ्टिंग आदि की बाधाओं को स्वयं रूचि लेते हुए समय-सीमा में त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने डी.पी.आर. तैयार करने, एजेंसी निर्धारण, मार्गों एवं भवनों के मरम्मत तथा कार्य मेजरमेंट बुक के लिए नई तकनीक अपनाने पर जोर दिया। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में मौजूद थे।
सचिव श्री बंसल ने बैठक में हाई स्कूल भवनों, हायर सेकेण्डरी स्कूलों, शासकीय आवासगृहों, मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों व कम्पोजिट भवनों के निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता एवं उपयोगिता के अनुरूप हॉरिजांटल की जगह वर्टिकल निर्माण को बढ़ावा देते हुए आधुनिक डिजाइनों और नई तकनीकों से शासकीय भवनों के निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 के बजट में शामिल कार्यों के प्राक्कलन प्राथमिकता क्रम में तत्काल प्रेषित करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को हर 15 दिनों में कोर्ट प्रकरणों, भू-अर्जन के मामलों तथा लोक सेवा गारंटी के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन मामलों में आ रही बाधाओं से वरिष्ठ कार्यालयों को अवगत कराने को कहा, ताकि निराकरण की कार्यवाही उच्च स्तर पर यथासमय की जा सके। उन्होंने इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं करने को कहा।
लोक निर्माण विभाग के सचिव ने भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों के सभी प्रगतिरत कार्यों में निर्धारित मानक अनुसार पूर्ण मासिक कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभाग के सभी कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों तथा उप अभियंताओं को छुट्टी के दिनों में भी सतर्क रहने और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ने को कहा। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी दिन निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जा सकता है।

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