जबलपुर में बढ़ रहे विटामिन B-12 की कमी के मामले, शरीर देता है ये 8 बड़े संकेत

जबलपुर
Vitamin B12: सुबह उठने पर थकान महसूस होना, पैरों में दर्द, हाथ-पैरों में झुनझुनी, चक्कर आना और अत्यधिक कमजोरी जैसी समस्याएं अब केवल बुजुर्गों तक सीमित नहीं रह गई है। शहर में बड़ी संख्या में युवा भी विटामिन बी12 की कमी से जुड़ी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। शहर के अस्पतालों, क्लीनिकों और आयुर्वेद अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जांच में अधिकांश मरीजों में विटामिन बी12 की कमी सामने आ रही है। विशेषज्ञों के अनुसार शाकाहारी लोगों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है।

युवती को पैरों में जकड़न की शिकायत
सिविल लाइन निवासी 26 वर्षीय युवती लंबे समय से पैरों में जकड़न और दर्द की समस्या से परेशान थी। उसे सुबह उठने पर कमजोरी महसूस होती थी। जांच में विटामिन बी12 की कमी सामने आई। चिकित्सकों ने उसे मोरिंगा पाउडर, आम का अचार, आंवला मुरब्बा और दही नियमित रूप से लेने की सलाह दी। करीब एक महीने में उसे राहत मिलने लगी।

ये हैं विटामिन बी12 की कमी के प्रमुख लक्षण
    हाथ-पैरों में सुन्नपन या झुनझुनी
    मांसपेशियों में कमजोरी और संतुलन बनाने में परेशानी
    एनीमिया और अत्यधिक थकान
    याददाश्त कमजोर होना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई
    अवसाद और चिड़चिड़ापन
    भूख कम लगना और वजन घटना
    जीभ में सूजन या जलन
    त्वचा का पीला पड़ना और धड़कन तेज होना

खानपान में सुधार बहुत जरूरी
आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. पंकज मिश्रा के अनुसार बड़ी संख्या में लोग विटामिन बी12 की कमी से पीड़ित हैं। कई मरीजों को लंबे समय तक सप्लीमेंट लेने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि आम का अचार, मोरिंगा, आंवला, दही, पनीर, केला, नारियल पानी, पालक भाजी और किशमिश जैसे खाद्य पदार्थ शरीर में पोषक तत्वों की कमी दूर करने में मददगार हो सकते हैं।

सामान्य काम में भी होने लगी थकान
मानेगांव निवासी 32 वर्षीय महिला को अत्यधिक थकान और चक्कर आने की शिकायत थी। स्थिति ऐसी हो गई थी कि घर के सामान्य काम करने में भी वह थक जाती थी। जांच में विटामिन बी12 की कमी पाई गई। डॉक्टरों ने उसे आम का अचार, काला तिल और केला नियमित रूप से खाने की सलाह दी।

झुनझुनी की समस्या से मिली राहत
अधारताल निवासी 45 वर्षीय महिला को हाथ-पैरों में लगातार झुनझुनी महसूस हो रही थी। जांच में विटामिन बी12 की कमी सामने आने के बाद उसे प्री-बायोटिक दही, आम का अचार, आंवला मुरब्बा और नारियल पानी लेने की सलाह दी गई। कुछ समय बाद उसे आराम मिल गया।