नई दिल्ली
अप्रैल 2026 आधा बीतने को है लेकिन अभी तक केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए डीए बढ़ोतरी का ऐलान नहीं हुआ है. आमतौर पर हर साल मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में यह फैसला सामने आ जाता है, लेकिन इस बार देरी ने कर्मचारियों के बीच चिंता बढ़ा दी है. खासकर इसलिए क्योंकि 31 दिसंबर 2025 के बाद 7वां वेतन आयोग खत्म हो चुका है और 8वां वेतन आयोग अभी लागू नहीं हुआ है।
पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो 2025 में डीए बढ़ोतरी का ऐलान 28 मार्च को हुआ था और आदेश 2 अप्रैल को जारी हुआ था. वहीं 2024 में भी 3 अप्रैल तक आदेश जारी हो गया था. यहां तक कि कोविड के समय 2020 में भी अप्रैल में औपचारिक आदेश जारी किया गया था. ऐसे में 2026 में यह देरी असामान्य मानी जा रही है।
क्या इस बार डीए बढ़ोतरी नहीं होगी
विशेषज्ञों का कहना है कि डीए बढ़ोतरी रुकने की संभावना बेहद कम है. डीए का निर्धारण महंगाई के आंकड़ों के आधार पर होता है और यह प्रक्रिया 7वें वेतन आयोग की अवधि खत्म होने के बाद भी जारी रहती है. यानी कर्मचारियों को उनका हक मिलना तय माना जा रहा है।
कितनी बढ़ सकती है डीए
एआईसीपीआई इंडेक्स के आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार करीब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है. इससे डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच सकता है. हालांकि अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा।
देरी की वजह क्या है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, देरी की सबसे बड़ी वजह प्रशासनिक प्रक्रिया हो सकती है. फाइल अप्रूवल, आंतरिक मंजूरी और फैसलों की टाइमिंग इस बार थोड़ा आगे खिसक गई है. बैंक बाजार के सीईओ अधिल शेट्टी का कहना है कि यह देरी इंटरनल प्रोसेस के कारण हो सकती है. वहीं, आईएसएफ की सुचिता दत्ता का कहना है कि संभवत: सरकार डीए बढ़ाने से पहले मंहगाई के आंकड़ों की बारीकी से समीक्षा कर रही है. कर्मा मैनेजमेंट के प्रतीक वैद्या का कहना है कि इस देरी की तुलना कोविड-19 के समय से करना ठीक नहीं है।
8वें वेतन आयोग से जुड़ी टाइमिंग
सरकार फिलहाल अगले वेतन आयोग की दिशा में काम कर रही है. माना जा रहा है कि डीए बढ़ोतरी के ऐलान को इस बड़े बदलाव के साथ जोड़कर देखा जा रहा है, ताकि एक साथ व्यापक नीति का संकेत दिया जा सके।
सरकार का फिस्कल बैलेंस भी अहम
महंगाई, सरकारी खर्च और बजट संतुलन को ध्यान में रखते हुए भी सरकार फैसला ले रही है. डीए बढ़ोतरी का सीधा असर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ता है, इसलिए इसे सोच-समझकर तय किया जाता है।
कब तक आ सकता है ऐलान
रिपोर्ट्स के मुताबिक अप्रैल के दूसरे हफ्ते से लेकर मिड अप्रैल के बीच कभी भी डीए बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है. यानी कर्मचारियों को ज्यादा लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
देरी से होगा क्या नुकसान
सबसे अहम बात यह है कि देरी से कर्मचारियों को कोई नुकसान नहीं होगा. डीए 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा और बीच के समय का पैसा एरियर के रूप में दिया जाएगा. यानी घोषणा चाहे देर से हो, लेकिन फायदा पूरा मिलेगा।

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