सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व है. हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन व्रत किया जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. हर एकादशी व्रत का अपना एक अलग महत्व है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ विष्णु जी का विशेष पूजन किया जाता है.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी के दिन व्रत और श्रीहरि विष्णु का पूजा-पाठ करने से जाने अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कामदा एकादशी के दिन व्रत और पूजा-पाठ के साथ दान भी किया जाता है. मान्यता है कि अगर कोई सच्चे मन से इस दिन व्रत रखे या दान-पुण्य करे, तो उसकी हर अधूरी इच्छा पूर्ण होती है. घर में धन धान्य बढ़ता है.
कामदा एकादशी 2026 कब है?
एकादशी तिथि का समापन: 29 मार्च रविवार को सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर होगा.
उदया तिथि के अनुसार, 29 मार्च के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इसका पारण 30 मार्च को सोमवार सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट के बीच किया जाएगा.
कामदा एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान
कामदा एकादशी के दिन मिट्टी के घड़े या मटके में पानी भरकर दान करना सबसे उत्तम होता है.
इस दिन गेहूं, चावल या मौसमी फल जैसे खरबूजा और आम का दान करना बहुत शुभ रहता है.
इस दिन जरूरतमंदों को छतरी (छाता) या जूते-चप्पल देना बहुत पुण्य काम माना जाता है.
इस दिन शाम के समय मंदिर में या फिर तुलसी के पौधे के पास दीपदान करने से जीवन का अंधकार दूर होता है.
इस दिन धार्मिक पुस्तकों का दान भी बेहद फलदायी होता है.

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