नई दिल्ली
साल 2015…केरल से एक खिलाड़ी आता है, जिसे जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम में शामिल किया जाता है। वे जिम्बाब्वे के दौरे पर जाते हैं। पहले मैच में उनको मौका नहीं मिलता, लेकिन 19 जुलाई 2015 को दूसरे मैच में प्लेइंग इलेवन में शामिल किए जाते हैं और अपना इंटरनेशनल डेब्यू कैप हासिल करते हैं। इस मैच में 7वें नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हैं और 24 गेंदों में एक चौके की मदद से 19 रन बनाते हैं। 146 रनों का टारगेट भारत के सामने होता है, लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत 135 रनों तक ही पहुंच पाता है और मुकाबला 10 रन से हार जाता है। इस हार का ठीकरा संजू के सिर मढ़ दिया जाता है। इस मैच के बाद संजू सैमसन एक मैच, एक सीरीज या एक साल के लिए ड्रॉप नहीं होते, बल्कि उनको करीब 5 साल और 79 मैचों का इंतजार करना पड़ता है।
10 जनवरी 2020 को 5 साल के बाद उनको फिर से टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका मिलता है। श्रीलंका के खिलाफ पुणे के मैदान पर वे उतरते हैं। पहली गेंद पर छक्का जड़ते हैं और अगली गेंद पर आउट हो जाते हैं। हालांकि, सीरीज के पहले दो मैचों में उनको नहीं खिलाया जाता है। इसके बाद न्यूजीलैंड की सरजमीं पर उनको टी20 सीरीज के लिए चुना जाता है। वहां वे दो मैच खेलते हैं और ड्रॉप कर दिए जाते हैं, क्योंकि दो मैचों में उन्होंने रन नहीं बनाए होते हैं। फरवरी के बाद दिसंबर में उनको फिर से कुछ मैच खेलने को मिलते हैं, लेकिन फिर से ड्रॉप हो जाते हैं।
कमबैक की कहानी जारी रही
जुलाई 2021 में फिर से उनको मौका मिलता है। तीन मैच श्रीलंका के खिलाफ खेलते हैं और फ्लॉप रहते हैं और टीम से बाहर हो जाते हैं। फरवरी 2022 में फिर संजू की वापसी होती है। इस बार कुछ रन बनाते हैं। इसके बाद आईपीएल आता है और उसके बाद भी वे टीम में बने रहते हैं, लेकिन जून और अगस्त में वे तीन मैच खेलते हैं। अक्टूबर-नवंबर में टी20 विश्व कप के लिए नहीं चुने जाते हैं। इस दौरान वे सिर्फ एक ही अर्धशतक जड़ पाते हैं। जनवरी 2023 में वे एक मैच खेलते हैं और चोटिल होकर टीम से बाहर हो जाते हैं।
अगस्त 2023 में वे फिर से वापस आते हैं और सात मैच खेलते हैं, लेकिन प्रदर्शन अभी भी वैसा नहीं है, जैसा वे आईपीएल या डोमेस्टिक क्रिकेट में कर रहे होते हैं। इस दौरान उनको न तो भारत की वनडे विश्व कप की टीम में मौका मिलता है और न ही एशियन गेम्स के लिए टीम में चुने जाते हैं। इसके बाद जनवरी 2024 में फिर से एक मैच खेलने को मिलता है। हालांकि, आईपीएल के बाद हुए टी20 विश्व कप 2024 के लिए वे टीम में चुन लिए जाते हैं, लेकिन वहां ऋषभ पंत उनसे आगे खेल जाते हैं और पूरे टूर्नामेंट में सैमसन एक भी मैच नहीं खेलते। इसके बाद आता है अक्तूबर 2024, जहां से सैमसन की किस्मत पलटी, लेकिन उस समय उनका करियर भी खत्म हो सकता था।
करियर खत्म हो सकता था
दरअसल, अक्तूबर में बांग्लादेश की टीम भारत के दौरे पर आती है। सैमसन उस सीरीज में पहले दो मैचों में फ्लॉप होते हैं और कहा जाता है कि आखिरी मैच में उनको मौका नहीं मिलेगा और उनका करियर समाप्त है। अगर उनको आखिरी मैच में मौका मिला और रन नहीं बने तो फिर हमेशा के लिए टीम से बाहर हो जाएंगे, क्योंकि इतने कमबैक और इतने मौके इंटरनेशनल क्रिकेट में और वह भी भारत जैसी टीम में मिलते नहीं है। अब तक 32 मौके उनको मिले थे, जिनमें दो अर्धशतक उन्होंने जड़े थे। ज्यादातर मैचों में उनका स्कोर सिंगल डिजिट था।
बांग्लादेश के खिलाफ हैदराबाद में भारत आखिरी मैच सीरीज का खेलता है, जो कि संजू सैमसन का करियर डिसाइडिंग मैच था। इस मैच में 47 गेंदों में 111 रन संजू बनाते हैं और अपना करियर बचाते हैं। अगली सीरीज में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी पहले मैच में संजू के बल्ले से शतक आता है। हालांकि, अगले दो मैचों में फिर से वे शून्य पर आउट हो जाते हैं, लेकिन अच्छी बात ये थी कि चौथे मैच में भी उनके बल्ले से शतक आता है। भारत जीतता चला जाता है। अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की जोड़ी दमदार नजर आती है।
फ्लॉप शो रहा जारी
अब जनवरी 2025 आता है, जहां वे इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में 51 रन बनाते हैं। इसके बाद भारत को सीधे एशिया कप खेलना था। सितंबर में खेले गए उस एशिया कप में सिलेक्टर ने ओपनर के तौर पर शुभमन गिल को मौका दिया था और उन्हें वाइस कैप्टन बनाया था। संजू को कहा गया कि वे मैच फिनिशर की भूमिका निभाएं, जिसमें वह फेल रहे। ऊपर गिल का भी बल्ला नहीं चला। एक अर्धशतक एशिया कप में संजू ने जड़ा और फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ 24 रनों की अच्छी पारी खेली, लेकिन उन्हें सराहना नहीं मिली, क्योंकि एक मैच नंबर तीन पर उतरे थे।
ऑस्ट्रेलिया का दौरा आता है और अक्तूबर में वे दो मैच वहां खेलते हैं, लेकिन एक में बल्लेबाजी आती है और दो रन ही वे बना पाते हैं और फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर पांच मैचों की टी20 सीरीज में वे ड्रॉप हो जाते हैं। इस दौरान अभिषेक के साथ गिल ओपन करते हैं, लेकिन सीरीज के आखिरी मैच में गिल से ओपनिंग छीनकर संजू को दे दी जाती है, जो फिर से संजू का कमबैक था। उस मैच में वे 22 गेंदों में 37 रन बनाते हैं। इसके बाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम का चयन होता है। उसी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी थी।
मेन प्लेयर से बैकअप प्लेयर बन गए संजू
अब चयनकर्ता शुभमन गिल से आगे बढ़ चुके थे। उनको ड्रॉप किया गया था और ईशान किशन को बतौर बैकअप ओपनर और बैकअप विकेटकीपर टीम में चुना गया था। उपकप्तानी अक्षर पटेल को सौंपी गई थी। संजू सैमसन मेन ओपनर और मेन विकेटकीपर थी।

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