राखी (Rakhi) का त्योहार हिन्दू धर्म में बेहद पवित्र त्योहार माना गया है. यह पर्व भाई-बहन के रिश्ते को और अधिक मजबूती देता है. रक्षा बंधन के दिन बहन-भाई की कलाई पर राखी बांधती है और भाई अपनी बहन को उपहार और सदैव उसकी रक्षा करने का वचन देता है. रक्षा बंधन का यह पवित्र त्योहार भारत वर्ष सहित अन्य देशों में जहां-जहां हिन्दू धर्म के लोग रहते है, वहां मनाया जाता है. वास्तु शास्त्र में राखी बांधने से लेकर उतारने तक के नियम बताए गए हैं. रक्षा बंधन चले जाने के बाद राखी का क्या करना चाहिए और किन गलतियों को करने से बचना चाहिए.
– बहुत से लोग राखी का त्योहार निकल जाने के बाद उसे उतार कर यूं ही फेंक देते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं होता है. वास्तु शास्त्र मानता है कि ऐसा करने से भाई-बहन के रिश्ते पर बुरा असर होता है. इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए.
– राखी बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा गया रक्षा सूत्र होता है, मान्यता है कि राखी से भाई की हर स्थिति में रक्षा होती है.
– बहुत से लोग राखी उतारते समय उसे तोड़ देते हैं, लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. राखी को सही तरीके से कलाई से उतारना चाहिए और उसके बाद साबुत राखी को लाल कपड़े में बांधकर ऐसे स्थान पर रख दें, जहां भाई बहन से जुड़ी वस्तुएं रखी गई हों.
– लाल कपड़े में बांधकर रखी गई इस राखी को अगले वर्ष रक्षा बंधन पर बहते हुए जल में प्रवाहित करते हैं. ऐसा करने से ही भाई बहन के रिश्ते में मजबूती आती है.
– यदि आपकी कलाई पर बंधी हुई राखी किसी कारण से खंडित हो गई है, या टूट गई है. तो ऐसे में इस प्रकार की राखी को घर में नहीं रखना चाहिए. ऐसी राखी को किसी पेड़ के नीचे या जल में अर्पित कर दें. इसके साथ 1 सिक्का भी रखते हैं.
– हिन्दू मान्यताओं के अनुसार खंडित राखी को किसी पेड़ या जल में प्रवाहित कर देने से घर में बरकत बनी रहती है और भाई-बहन के रिश्ते में प्यार और मधुरता आती है.

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