February 17, 2026

8वें वेतन आयोग की खुशखबरी: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा लाखों रुपये का फायदा

नई दिल्ली

  केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर। सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को आधिकारिक रूप से अधिसूचित कर दिया है। अगर इसे जनवरी 2026 से प्रभावी मानकर 2027 में लागू किया जाता है, तो कर्मचारियों को लाखों रुपये का एरियर एकमुश्त मिल सकता है।

कब से लागू होगा नया वेतन?

सरकार की ओर से संकेत हैं कि आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। व्यावहारिक रूप से इसे 2027 में लागू किया जा सकता है। इसके बाद कर्मचारियों को 12–20 महीने तक का एरियर एक साथ मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर और संभावित बढ़ोतरी

फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.57 माना जा रहा है।

इससे सैलरी में 30% से 50% तक बढ़ोतरी संभव है।

अनुमानित एरियर राशि
लेवल    संभावित एरियर (₹)

लेवल-1     3.60 लाख – 5.65 लाख

  लेवल-2      3.98 लाख – 6.25 लाख

लेवल-4     5.10 लाख – 8.01 लाख

एरियर की गणना कैसे होगी?

पुरानी और नई बेसिक सैलरी का अंतर निकाला जाएगा। अंतर को लागू होने तक के महीनों से गुणा किया जाएगा। महंगाई भत्ता (DA) भी बढ़ेगा, जिससे एरियर में अतिरिक्त लाभ जुड़ जाएगा।

भेदभाव का कोई प्रावधान नहीं

पेंशनर्स के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि नियम कहते हैं कि सिर्फ इस आधार पर कि कोई व्यक्ति 31 दिसंबर 2025 से पहले रिटायर हुआ है या उसके बाद, उनके साथ अलग तरह का व्यवहार नहीं किया जाएगा.

8वें वेतन आयोग से क्या बदलेगा?

अगर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होता है, तो इसका असर दो तरह से पड़ेगा. पहले यहा कि जो 1 जनवरी 2026 के बाद रिटायर होंगे, उनकी पेंशन की कैलकुलेशन सीधे नए बेसिक पे के आधार पर होगी. साथ ही पुराने पेंशनर्स, जो 31 दिसंबर 2025 तक रिटायर हो चुके होंगे, उनकी पेंशन को एक फिक्स फिटमेंट फैक्टर के जरिए रिवाइज किया जाएगा.

सरकार के जवाब से यह साफ है कि 31 दिसंबर 2025 की तारीख कोई डेडलाइन नहीं है जो आपको बढ़ी हुई पेंशन के फायदे से बाहर कर दे. पिछले समय की तरह हर वेतन आयोग ने पुराने पेंशनभोगियों की पेंशन को भी रिवाइज किया है, जिससे वह महंगाई के दौर में पीछे न छूटें.

किन्हें मिलेगा फायदा?

केंद्रीय कर्मचारी

रक्षा कर्मी

ऑल इंडिया सर्विसेज अधिकारी

पेंशनर

कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए राहत

लंबे समय से वेतन संशोधन की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ी राहत है। बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।