रायपुर.
राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध
राजिम कुंभ (कल्प) 2026 के भव्य आयोजन के लिए संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने नए मेला मैदान पर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित कर सभी विभागों को अंतिम निर्देश दिए। उन्होंने 30 जनवरी तक हर हाल में तैयारियां पूर्ण करने का आदेश दिया, ताकि 1 से 15 फरवरी तक निर्बाध आयोजन सुनिश्चित हो। कलेक्टर बीएस उइके, पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर व अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मंत्री अग्रवाल ने सभी विभागीय अधिकारियों को समन्वय बनाकर कार्य करने और 30 जनवरी तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए। राज्यपाल रमेन डेका सहित मंत्रीगण शुभारंभ में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने विद्युत, परिवहन, स्वास्थ्य व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर विशेष जोर दिया, जिसमें रात्रिकालीन बस परिचालन व त्वरित चिकित्सा सुविधा शामिल है।
मांस-मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध, सख्त कार्रवाई के आदेश
राजिम नगरी में 1 से 15 फरवरी तक मांस, मछली और मदिरा बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के सख्त निर्देश जारी किए गए। उल्लंघन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। पुलिस व परिवहन विभाग को सतत गश्त, यातायात प्रबंधन व व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर फ्लैक्स-रेट सूची अनिवार्य करने के आदेश दिए।
शाही स्नान व सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फोकस
शाही स्नान के लिए नदी तट पर बैरिकेटिंग, भीड़ नियंत्रण व मजबूत सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। खाद्य विभाग को चावल आबंटन व दाल-भात केंद्र संचालन, पुलिस को संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनाती व क्रेन-फायर ब्रिगेड तत्पर रखने को कहा। मेला स्थल पर स्वच्छता, कचरा निस्तारण, धर्मशालाएं व दूरसंचार टावर क्षमता बढ़ाने पर बल दिया।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राजिम कुंभ प्रदेश की आस्था, परंपरा व सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। पिछली कमियों को सुधारने व लापरवाही न बरतने पर जोर देते हुए सभी को तत्परता बरतने का आह्वान किया। उन्होनें आगे कहा कि यह आयोजन व्यवस्थित व ऐतिहासिक रूप से संपन्न होगा, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देगा।

More Stories
धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा रेल परियोजना से जशपुर के विकास को मिलेगी नई गति : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
नैनो उर्वरकों से बढ़ रहा उत्पादन, मिट्टी संरक्षण को भी मिल रही मजबूती
देवपुर में औषधीय वनस्पतियों पर एक दिवसीय बॉटनाइजेशन कार्यशाला