ज्योतिष शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान में काले घोड़े की नाल का छल्ला पहनना बहुत ुभ माना जाता है। इसे शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का एक अचूक उपाय माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, लोहा शनि देव की धातु है। काले घोड़े के पैरों में लगने वाली नाल जब घिसकर पुरानी हो जाती है, तो उसमें घोड़े के वेग और पृथ्वी की ऊर्जा का समावेश हो जाता है। ऐसी नाल से बना छल्ला धारण करने से शनि के दोषों का शमन होता है।
शनि दोष और साढ़ेसाती से मुक्ति
जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की महादशा चल रही हो, उनके लिए यह छल्ला किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। यह शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम कर जीवन में स्थिरता लाता है।
नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव
यह छल्ला पहनने वाले के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाता है। इसे धारण करने से ऊपरी बाधाएं, बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म हो जाता है।
मानसिक शांति और एकाग्रता
यदि आप मानसिक तनाव, अनिद्रा या घबराहट महसूस करते हैं, तो यह छल्ला आपको मानसिक शांति प्रदान करता है। यह एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है, जो छात्रों के लिए फायदेमंद है।
आर्थिक उन्नति और सफलता
व्यवसाय में घाटा हो रहा हो या मेहनत का फल न मिल रहा हो, तो यह छल्ला भाग्य के द्वार खोलता है। यह धन संचय में मदद करता है और करियर में आने वाली बाधाओं को दूर करता है।
स्वास्थ्य लाभ
माना जाता है कि लोहे का यह छल्ला रक्त संचार को ठीक रखने और शरीर में आयरन की कमी को प्रतीकात्मक रूप से संतुलित करने में सहायक होता है। यह जोड़ों के दर्द और आलस्य को दूर करने में भी मदद करता है।

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