उमरिया में जैविक हाट बाजार का किया शुभारंभ
भोपाल :
अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री एवं उमरिया जिला प्रभारी मंत्री श्री नागर सिंह चौहान ने प्राकृतिक खेती एक रसायन-मुक्त कृषि प्रणाली है जो मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए प्राकृतिक तरीकों का उपयोग करती है, जिसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों की जगह गाय के गोबर, मूत्र, गुड़ और बेसन से बने जीवामृत, बीजामृत, और घन जीवामृत जैसे जैविक आदानों का उपयोग किया जाता है, जिससे लागत कम होती है और मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। यह कृषि-पारिस्थितिकी पर आधारित है और फसलों, पेड़ों और पशुधन को एकीकृत करती है, जिससे टिकाऊ और लागत प्रभावी खेती संभव होती है।मंत्री श्री चौहान ने यह बात कृषि उपज मंडी में जैविक हाट बाजार के शुभारंभ कर कही।
मंत्री श्री चौहान ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों का प्रयोग करने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है एवं भूमि के प्राकृतिक स्वरूप में भी बदलाव होता है। उन्होंने आहवान किया कि सभी किसान प्राकृतिक खेती को अपनाने का प्रयास करें।
मंत्री श्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर विधायक बांधवगढ़ शिवनारायण सिंह, कलेक्टर धरणेंद्र कुमार जैन, सीईओ जिला पंचायत अभय सिंह, आसुतोश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।

More Stories
राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन में मध्यप्रदेश ने हासिल की बहुआयामी उपलब्धियां : राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु
90 डिग्री ब्रिज के बाद भोपाल का नया ‘कमाल’, फुटपाथ बना दिया लेकिन पहुंचने का रास्ता ही नहीं छोड़ा
Monsoon 2026: मानसून से पहले उमस का कहर, बैतूल में 90% और भोपाल में 64% ह्यूमिडिटी; IMD का अलर्ट जारी