February 20, 2026

महाराष्ट्र में मतदाता सूची में गड़बड़ी…ठाकरे बंधु निकालेंगे विरोध मार्च

मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे, राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे समेत महाविकास आघाडी (एमवीए) के शीर्ष नेता मतदाता सूचियों में अनियमितताओं के खिलाफ मुंबई में एक नवंबर को होने वाले विपक्ष के विरोध मार्च का नेतृत्व करेंगे। उद्धव ठाकरे, राज ठाकरे और शरद पवार ने एक बैठक की, जिसमें संयुक्त रैली की रूपरेखा को अंतिम रूप दिया गया। इस बैठक में वरिष्ठ कांग्रेस नेता नसीम खान, शेतकरी कामगार पक्ष के जयंत पाटिल और वामपंथी दलों के नेता भी शामिल हुए।

पूर्वी महाराष्ट्र में गृहनगर बुलढाणा में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि उनकी पार्टी विरोध मार्च का पूरी तरह से समर्थन करती है। हालांकि, खुद मार्च में भाग लेने के सवालों को वह टाल गए। सपकाल ने कहा कि कोई एक नेता अहम नहीं हैं। जो भी जाएगा, वह पार्टी का प्रतिनिधित्व करेगा। खास बात मतदाता सूचियों को त्रुटिरहित करने और उन्हें अपडेट करने की मांग है। यह मुद्दा सबसे पहले कांग्रेस ने उठाया था।
बैठक के बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता अनिल परब ने कहा कि विरोध मार्च दक्षिण मुंबई के फैशन स्ट्रीट से बृह्नमुंबई महानगर पालिका मुख्यालय तक निकाला जाएगा। यह दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि विरोध मार्च के कारण नागरिकों को कोई परेशानी नहीं होगी। परब ने कहा कि शरद पवार, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे समेत राज्य का पूरा विपक्षी नेतृत्व इस मार्च में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि यह शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा और ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों में अनियमितताओं जैसे मुद्दों को उजागर किया जाएगा।

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि स्थानीय निकाय चुनावों को नियंत्रित करने वाले कानूनों या नियमों में ‘वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल’ (वीवीपैट) मशीनों के इस्तेमाल का कोई प्रावधान नहीं है। इसका हवाला देते हुए परब ने कहा कि विपक्ष एसईसी के बयान का अध्ययन कर रहा है। कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग का तर्क मान्य नहीं है क्योंकि 2017 के चुनावों में नांदेड़ वाघला शहर नगर निगम के एक वार्ड में वीवीपैट का परीक्षण किया गया था।