चेन्नई। तमिलनाडु के करूर जिले में राजनेता विजय की तमिलागा वेत्री कझगम (टीवीके) की रैली में मची भगदड़ ने पूरे देश को सदमे में डाल दिया है। इस हादसे में अब तक 41 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 18 महिलाएं, 9 बच्चे और 13 पुरुष शामिल हैं। हादसे की घावों की जांच के लिए सांसद हेमा मालिनी के नेतृत्व में एनडीए ने टीम का गठन किया है, जो हादसा स्थल का दौरान करेगी। अभिनेता विजय ने हादसे के लिये डीएमके पर साजिश का आरोप लगाया है। उन्होंने हादसे की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग की है। पुलिस ने टीवीके के जनरल सेके्रटरी बुशी आनंद और दो अन्य पर एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भीड़ प्रबंधन की लापरवाही का आरोप है।
बता दें कि गत 27 सितंबर को करूर जिले में अभिनेता एवं राजनेता विजय की रैली में मची भगदड़ में 41 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि भगदड़ में करीब 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताते हैं कि घटना 27 सितंबर को वेलुसाम्यपुरम में करूर-ईरोड हाईवे पर हुई, जहां मिली अनुमति से ज्यादा समर्थक जुट गए थे। भीड़ के अभिनेता और राजनेता विजय को देखने के उत्साह में स्टेज की ओर बढऩे से भगदड़ मची। तमिलनाडु सरकार ने पूर्व न्यायाधीश अरुणा जगदीश की एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है, जो घटनास्थल का दौरा कर चुका है।
मृतकों को मिलेंगे 30 लाख रुपये
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मृतकों के परिवारों को 10 लाख रुपए और घायलों को 1 लाख रुपए के मुआवजे की घोषणा की है। वहीं, टीवीके प्रमुख विजय ने इसे अपूरणीय क्षति बताते हुए मृतकों के परिजनों को 20 लाख और घायलों को 2 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।

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