February 19, 2026

अमेरिका में टिकटॉक की एंट्री… ट्रंप ने ‘बेचो या बंद कर देंगे’ के अंदाज में डील कराई

वाशिंगटन। अमेरिका में टिकटॉक की एंट्री के लिये लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टिकटॉक को अमेरिका में आने की अनुमति दे दी है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका ने बाइटडांस की कनपटी पर बंदूक लगाकर ‘बेचो या बंद कर देंगे’ जैसे अंदाज में यह डील कराई है।

ट्रंप प्रशासन ने टिकटॉक का वैल्यूएशन महज 14 अरब डॉलर (1.23 लाख करोड़ रुपये) लगाया है, जबकि डील से पहले एक्सपर्टस का अनुमान था कि इसका वैल्यूएशन करीब 40 अरब डॉलर (3.54 लाख करोड़ रुपये) तक जा सकता है। ट्रंप के इस वैल्यूएशन से टिकटॉक में निवेश करने को तैयार बैठी अमेरिकी कंपनियां भी सकते में आ गई हैं। अमेरिका की टेक कंपनी ओरैकल कॉर्प के फाउंडर लैरी एलिसन और सिल्वर लेक मैनेजमेंट एलएलसी ने मिलकर इसमें निवेश का प्लान बनाया था। इस डील में टिकटॉक की हिस्सेदारी भी घटाकर 20 फीसदी कर दी गई है। डील में भले ही अमेरिकी निवेश्कों को ज्यादा हिस्सेदारी दी गई है, लेकिन अमेरिका में इसके ऑपरेशन से जो भी मुनाफा होगा, उसका 50 फीसदी बाइटडांस को दिया जाएगा।

टिकटॉक अमेरिका में सबसे चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में से एक है। सिर्फ अमेरिकी बाजार में इसके प्लेटफॉर्म पर 17 करोड़ यूजर हैं, जो हर साल 10 अरब डॉलर (करीब 88 हजार करोड़ रुपये) का रेवेन्यू पैदा करते हैं। जानकारों का कहना है कि इस लिहाज से अमेरिका की ओर से लगाया गया वैल्यूएशन काफी कम है। एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिका की ओर से लगाया गया यह वैल्यूएशन दिनदहाड़े लूट है। अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वान्स की अगुवाई यह डील की गई। एक्सपर्ट का कहना है कि यह डील पिछले एक दशक में हुए किसी भी टेक अधिग्रहण में सबसे सस्ता रहा है। अमेरिका ने जो भी कीमत लगाई है, वह टिकटॉक की वास्तविक कीमत का महज 30 फीसदी ही है।