February 18, 2026

नेपाल में हिंसा और 72 मौतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय आयोग गठित

काठमांडू । नेपाल की अंतरिम सरकार ने देशभर में जेन-ज़ी प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और 72 मौतों की जांच के लिए उच्चस्तरीय आयोग गठित कर दिया है। तीन सदस्यीय इस आयोग की अगुवाई नेपाल के पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज गौरी बहादुर कार्की करेंगे। आयोग में पूर्व अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक बिग्यान रन शर्मा और कानूनी विशेषज्ञ बिश्वेश्वर प्रसाद भंडारी को सदस्य बनाया गया है।

गृह मंत्री ओमप्रकाश अर्याल यह जानकारी देते हुये बताया कि आयोग को अपनी रिपोर्ट तीन महीने के अंदर सरकार को सौंपनी होगी। काठमांडू में 8 और 9 सितंबर को हुई हिंसा की जांच के लिए आयोग का गठन करना जेन-ज़ी आंदोलन की प्रमुख मांगों में शामिल था। आंदोलनकारियों ने साफ कहा था कि जब तक जांच शुरू नहीं होती, उनका विरोध जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने पूर्व पीएम ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी की भी मांग की थी। उन पर आरोप लगाया कि 8 सितंबर को हुई गोलीबारी में उनकी भूमिका थी। इसमें 19 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी।

बता दें कि जेन-ज़ी आंदोलन की शुरुआत सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों और सोशल मीडिया पर बैन लगाने के फैसले से हुई थी। देखते ही देखते यह विरोध पूरे देश में फैल गया और इसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हो गए थे। इस दौरान हुई झड़पों में तीन पुलिस कर्मियों सहित 72 लोगों की मौत हो गई थी। इप्रदर्शनकारियों का आरोप था कि सरकार ने जानबूझकर बल प्रयोग किया और शांतिपूर्ण आंदोलन को हिंसक बना दिया।