केंद्रीय कृषि मंत्री और प्रदेश के कृषि मंत्री के नकली खाद-बीज पर विरोधाभासी बयानों से किसान परेशान
भोपाल । मध्यप्रदेश में नकली खाद और बीज को लेकर किसान परेशान हैं और बार-बार यह मुद्दा उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेश में नकली खाद और कालाबाजारी के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 29 जुलाई 2025 को रायसेन जिले के ग्राम बागोद में प्रशासन ने नकली डीएपी खाद से भरा एक ट्रक पकड़ा गया था और पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। अब रायसेन-विदिशा से सांसद और देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कसाना के बयानों से किसान हैरान हो गए हैं। इन दोनों मंत्रियों के बयानों में विरोधाभास है। एक तरफ नकली खाद की बात कही जा रही है, तो दूसरी तरफ नकली खाद का कोई मामला होने की बात का दावा किया जा रहा है।
रायसेन के एक पत्रकार ने जब केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह से इस संबंध में पूछा कि तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में बैठकर चर्चा करेंगे, भीड़ में ऐसा नहीं करते। मैं आपके हाथ जोड़ रहा हूं।
दरअसल, नकली खाद और बीज को लेकर केंद्रीय और प्रदेश के कृषि मंत्री के अलग-अलग बयान विवाद का कारण बन गए हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि राज्य में नकली खाद और बीज के मामले गंभीर हैं और इसे लेकर सतर्कता जरूरी है। इसके उलट प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि प्रदेश में कहीं भी नकली खाद नहीं है और सभी जगह खाद की सामान्य रूप से आपूर्ति हो रही है। इन अलग-अलग विरोधाभासी बयानों ने किसानों और कृषि जगत में नए सवाल खड़े कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि यह बयान भ्रम पैदा कर रहे हैं और उन्हें भरोसा नहीं हो रहा कि उनके खेतों में सही खाद ही पहुंच रही है।
रायसेन का दौरा कर दिए थे कार्रवाई के निर्देश
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इन दिनों नकली कीटनाशक, खाद और बीज को लेकर एक्शन मोड में हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश के रायसेन में जिस दवाई के प्रयोग से किसान के खेत में फसल बर्बाद हुई और जहां शिवराज सिंह ने स्वयं निरीक्षण किया था, उस संबंध में भी एफआईआर दर्ज करवाई गई है और कंपनी का लाइसेंस निलंबित करने के लिए केंद्र के कृषि विभाग ने राज्य सरकार से कहा है। इसके साथ प्रदेश के तीन जिलों में डिफाल्टर कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
तीन जिलों में दर्ज हुई थी एफआईआर
नकली कीटनाशक को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। पता चला कि क्लोरिमयूरॉन एथिल नामक हर्बिसाइड खरपतवार नाशक के उपयोग से सोयाबीन की फसलें खराब हुई हैं। इस पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह के निर्देशों पर कृषि विभाग ने की तत्काल कार्रवाई की। बाजार से खरपतवार नाशक के सैम्पल जब्त कर जांच की गई. जांच में हर्बिसाइड के नमूने घटिया पाए गए। प्रदेश के विदिशा, देवास और धार सहित तीन जिलों में डिफॉल्टर कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई ।
खरपतवार नाशक का उपयोग न करने की दी थी सलाह
जिन जिलों में खराब हर्बिसाइड की बिक्री हुई है, वहां डीलरों के लाइसेंस रद्द किए गए। राज्य सरकारों को भी जब्त हर्बिसाइड के नतीजे आने तक लाइसेंस निलबिंत करने के निर्देश दिए गए हैं। कंपनियों के बचे हुए स्टॉक की बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है।ं फसलों को नुकसान से बचाने के लिए क्लोरिमयूरॉन एथिल खरपतवार नाशक का उपयोग न करने की सलाह दी गई है। शिवराज सिंह कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल के दौरान भी उन्होंने ऐसी व्यवस्था बनाई गई, जिसके बेहद सकारात्मक परिणाम मिले हैं। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि समस्याओं के तत्काल और उचित निराकरण से ही किसानों में भरोसा कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि किसानों की संतुष्टि ही हमारा मुख्य ध्येय है। इसके साथ केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने संदेश भी जारी करते हुए किसान कॉल सेंटर से माध्यम से किसान भाई-बहनों से अपनी शिकायतें टोल फ्री नंबर 18001801551 के जरिए रजिस्टर करवाने का आह्वान किया है।

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