नई दिल्ली। इस साल का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण रविवार 21 सितंबर को पडऩे जा रहा है। इस दिन सर्वपितृ अमावस्या भी पड़ रही है, जिससे इस खगोलीय घटना का महत्व और बढ़ गया है। हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल मान्य होगा, लेकिन ज्योतिष विज्ञानियों का कहना है कि यह सूर्य ग्रहण खासकर कन्या राशि वालों पर भारी हो सकता है।
ज्योतिषियों के अनुसार यह सूर्य ग्रहण कन्या राशि में होगा। ऐसे में इस राशि के जातकों को खासतौर पर सतर्क रहने की आवश्यकता है। ग्रहण काल के दौरान कन्या राशि के लोगों को अचानक धन हानि का सामना करना पड़ सकता है इस दौरान जातकों को निवेश से बचना चाहिए और किसी भी प्रकार के पैसों के लेन-देन को टालना ही बेहतर होगा।
आर्थिक नुकसान और कामकाज पर असर
नौकरी और व्यापार की गति इस दौरान धीमी पड़ सकती है। व्यवसायियों को खासकर बड़े सौदों से बचना चाहिए। किसी नए निवेश या साझेदारी में प्रवेश करना नुकसानदेह हो सकता है। अनजान लोगों पर अंधा विश्वास करने से हानि उठानी पड़ सकती है।
मानसिक तनाव और पारिवारिक कलह
सूर्य ग्रहण का असर सिर्फ आर्थिक स्थिति पर ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन पर भी पड़ेगा। इस दौरान निर्णय लेने में असमंजस रहेगा और कार्यस्थल पर दबाव बढ़ सकता है। निजी जीवन में भी टकराव और पारिवारिक अशांति और कलह का सामना करना पड़ सकता है। ऐसी स्थिति होने पर जातकों को धैर्य और संयम बनाए रखने की जरूरत है।
क्या करें और क्या न करें
हालांकि भारत में यह सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका धार्मिक महत्व सीमित है। फिर भी ग्रहण काल के दौरान भगवान का स्मरण करें, स्नान के बाद सूर्य को अघ्र्य अवश्य दें। दान-पुण्य करने से ग्रहण के दुष्प्रभाव कम हो सकते हैं। ग्रहण के बाद अगले दिन गेहूं, गुड़, तांबा या अपनी सामथ्र्य के अनुसार वस्त्र और धन का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।

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