ढाका। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना और उनके परिवार के कई सदस्य अगले साल होने वाले चुनाव में वोट नहीं डाल सकेंगे। उनके राष्ट्रीय पहचान पत्र कार्ड को ही ब्लॉक कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बुधवार को कहा था कि जिन लोगों का एनआईडी ब्लॉक है, वे विदेश से वोट नहीं डाल सकेंगे। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने मुकदमों अथवा दूसरे कारणों से देश छोड़ा है, वे वोट डाल सकते हैं, बशर्ते उनका एनआईडी ब्लॉक न हो।
आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने कहा कि विदेश से वोट देने के लिए एनआईडी नंबर के साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। पासपोर्ट से यह काम नहीं चलेगा। अगर किसी का एनआईडी कार्ड ब्लॉक है, तो वे रजिस्टर नहीं कर सकते और वोट नहीं डाल पाएंगे। केवल एनआईडी के साथ रजिस्टर करने वालों को ही यह मौका मिलेगा। जब उनसे पूछा गया कि क्या शेख हसीना वोट दे पाएंगी, तो उन्होंने कहा कि वह वोट नहीं दे पाएंगी, क्योंकि उनका एनआईडी ब्लॉक कर दिया गया है।
राष्ट्रीय पहचान पंजीकरण विंग ने अपने जनरल डायरेक्टर, एएसएम हुमायूं कबीर के मौखिक निर्देश के बाद हसीना और उनके परिवार के नौ सदस्यों की एनआईडी को लॉक कर दिया था। जुलाई की शुरुआत में चुनाव आयोग ने देश में पार्टी के दशकों पुराने राजनीतिक अस्तित्व को समाप्त करने के प्रयास में हसीना की अवामी लीग पार्टी के चुनाव चिन्ह को अपनी वेबसाइट से हटा दिया था। 12 मई को मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक राजपत्र अधिसूचना जारी कर अवामी लीग और उसके सहयोगी संगठनों की सभी गतिविधियों पर बैन लगा दिया था। यह बैन आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत तब तक लगाया गया है जब तक कि बांग्लादेश के अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण में पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ मुकदमा खत्म नहीं हो जाता।

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